Saturday, 25th March, 2017
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चार घंटे तक लगातार निंजा हतोरी देखने के बाद तीन वर्षीय बच्चा करने लगा निंजा जैसी हरकतें

18, Mar 2017 By Pagla Ghoda
ninja
निंजा बना कनेश

नई दिल्ली: मोटू पतलू, डोरेमोन और निंजा हतोरी जैसे कार्टून कार्यक्रम आजकल के छोटे बच्चों को विशेषकर प्रिये हैं। इन सब में निंजा हतोरी नामक कार्टून अपनी निंजाटेक्निक्स के कारण सर्वाधिक लोकप्रिय है, और इसके पात्र जैसे कैनीजी, उसका मित्र हतोरी, उसकी क्रश यूवीको और उनका बोलने वाला डाॅगी शिशिमानु भी बच्चों को बेहद पसंद हैं। लेकिन इस कार्यक्रम की अत्यधिक डो़ज़ के कारण कनेश कनेरिया नामक एक तीन वर्षीय बच्चा अब खुद को निंजा समझने लगा है और हर थोड़ी देर में निंजा जैसी हरकतें भी करने लगा है।

कनेश के पिता जगेश कनेरिया ने बताया, “कनेश की हालत देखकर हम उसे डॉक्टर के पास ले जाने की सोच रहे हैं। वो अब खुद को निंजा मास्टर समझने लगा है। उसने अपना नाम भी कनेश से बदल कर कैनीजी रखने का फैसला कर लिया है। खाना खिलाओ तो बोलता है, “खाना गिरा गिरा के खाने की” निंजा तकनीक, नहाने को बोलो, तो कहता है “न नहाने की” निंजा तकनीक। किसी भी छोटी बच्ची को देखता है तो बोलता है “यूवीको में आ रहा हूँ”। किसी भी कुत्ते को देखता है तो बोलता है, “इधर आशिशिमानु”। अपनी टांग किसी दरवाज़े में फंसा ले तो बोलता है “हतोरी मेरी मदद करो।” मैं और इसकी मां बहुत परेशान हैं।”

जब श्री जगेश से पुछा गया के उन्होंने कनेश उर्फ़ कैनीजी के टीवी देखने पर रोक क्यों नहीं लगाई तो जगेश जी झल्ला उठे, गुस्से से बोले, “अजी रिमोट को हाथ भी लगाया तो फर्श पे लटमलेट हो जाते हैं साहबज़ादे, और ज़ोर ज़ोर से दहाड़े मारने लगते हैं। खाना खाना बंद कर देते हैं, ज़बरदस्ती खिलाओ तो उगल देते हैं। उसके बाद तो इन्हें मनाने के लिए टीवी के संग संग अपने फ़ोन पे विडियो गेम भी लगा के देना पड़ता है। टीवी गलती से भी बंद हो जाए तो पूरा घर सर पे उठा लेता है। बहुत शैतान हो गया है ये लड़का, अपनी बात मनवा के ही छोड़ता है। इसका बस चले तो हमारे पूरे मोहल्ले को बाजार में बेच आये, इतनी तेज़ी पकड़ ली है इसने।”

कैनीजी अपनी निंजा हरकतें छोड़ के कब वापिस कनेश बनेगा ये तो वक़्त ही बताएगा, पर उसकी छोटी बहन झरना जो अभी मात्र डेढ़ वर्ष की है वो खुद को मोटू पतलू कार्यक्रम का डॉक्टर झटका समझने लगी है, और तरह तरह के एक्सपेरिमेंट करने की कोशिश करती है। जब भी दो अलग रंग के तरल पदार्थ जैसे के जूस, दूध या नारियल के रस को देखती तो उन्हें, छोटी छोटी कटोरियों में भर के आपस में मिला देती है, और दोनों हाथ हवा में उठाके बोलती है “बूम बूम”।



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