Thursday, 19th October, 2017

चलते चलते

सबसे गन्दा शहर घोषित ना होने से कानपुरवासी दुखी, पान की पीक कचरे के डब्बे में थूक कर जताया विरोध

05, May 2017 By banneditqueen

कानपुर. पोहा प्रेमियों का गढ़ इंदौर, देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है, जबकि साफ-सुथरे शहरों की सूची में दूसरा स्थान भी इसी राज्य की राजधानी भोपाल ने हासिल किया है। सबको उम्मीद थी कि देश का सबसे अस्वच्छ शहर तो कानपुर ही होगा पर ऐसा न हो पाया। देश में सबसे गंदे या अस्वच्छ शहर का दर्जा उत्तर प्रदेश के गोंडा को दिया गया है। कल जैसे ही स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वे के नतीजे आए वैसे ही कानपुर निवासी उत्साहित हो गए पर जब उन्होंने देखा कि कानपुर सबसे अस्वच्छ शहर नहीं है तो वे सभी काफी निराश हो गए।

ये कौन चित्रकार है जिसकी कला की कद्र नहीं
ये कौन चित्रकार है जिसकी कला की कद्र नहीं

कानपुर निवासी सुमित श्रीवास्तव का कहना है ”हम सभी सुबह से ही काफी उत्साहित थे, नज़रें टीवी स्क्रीन पर गड़ाए बैठे थे। जैसे ही सबसे गंदे शहर का नाम कानपुर की जगह गोंडा लिया गया वैसे ही हमारी उम्मीदें टूट के बिखर गयीं। मैं चौरसिया पान भण्डार पर ही खड़ा था तभी देखा कि जितने लोग पान चबा रहे थे वो सभी बाथरूम और कचरे का डब्बा ढूंढने लगे। मेरे पूछने पर बताया कि इस नतीजे का विरोध करने अब से वही पान की पीक राह चलते कहीं भी नहीं थूकेंगे पर सुलभ शौचालय या फिर कचरे के डब्बे में थूकेंगे।”

ऐसे ही एक पान प्रेमी से हमने बात की, (पहले तो पिचकारी मारने के लिए कचरे का डब्बा ढूँढा जब नहीं मिला तो दुकान वाले से कचरे का डब्बा लेकर उसमे थूका), फिर बोले ”देखिए इतने सालों से हमारा शहर बदनाम है कि हम लोग कहीं भी कभी भी पान थूक देते हैं, इतने सालों की मेहनत पर आज पानी फिर गया। आक-थू! लानत है हम पर। इसीलिए हम सभी ने ये फैसला किया है कि इस दग़ाबाज़ी का विरोध हम अपने शहर को साफ़ रख कर करेंगे।”

चौरसिया पान भंडार चलने वाले प्रदीप तो अपनी दुकान की पीछे वाली दीवार गीले कपडे से साफ़ करते नज़र आए। उनका कहना था कि ”भैय्या जी ये तो हमारे कलाकारों की निशानी है, इसे देखेंगे तो बार बार याद आएगा कि हमारा शहर इतनी मेहनत के बाद भी अव्वल नंबर पर नहीं आया, अब ये पान की पीके सजाकर क्या करना।”



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