Sunday, 23rd April, 2017
चलते चलते

JNU में पढाई के लिए खुलेगा नया अकैडमिक कैंपस, मौजूदा कैंपस केवल धरनों के लिए रहेगा रिज़र्व

23, Oct 2016 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली: कुछ प्रोफेसरों के अनुसार JNU में पिछले कई वर्षों से ज़्यादा कुछ पढाई नहीं हो पाई है क्योंकि ज़्यादातर समय छात्र कोई न कोई धरना दे रहे होते हैं या अगले धरने की तैयारी कर रहे होते हैं। इसीलिए अब सरकार द्वारा ये घोषणा की गयी है के JNU में पढ़ाई के लिए नया अकैडमिक कैंपस खोल जायेगा और मौजूद कैंपस केवल धरनों के लिए रिज़र्व रहेगा।

JNU के बाहर जमा भीड़
JNU के बाहर जमा भीड़

पढ़ाई लिखाई में रूचि रखने वाले छात्र JNU में विरले ही होते हैं। ऐसे ही एक छात्र, 33 वर्षीय, मनीष मनसुखानी ने बताया, “देखिये आज शाम कैंपस में एक बुक बर्निंग (किताब जलाई) का इवेंट है। कल सुबह डोनाल्ड ट्रम्प के विरोध में एक धरना है। उसके ठीक बाद दिल्ली सरकार के गुनाहगार MLAs की गिरफ्तारियों के विरुद्ध एक मोर्चा है। लंच के फ़ौरन बाद कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों के दुःख में शोक सभा है। डिनर तक देश में बढ़ती असहिष्णुता पर दो और कैंडल मार्च हैं। ये तो मैं अगले दिन की गतिविधयां बता रहा हूँ। ऐसा तो लगभग रोज़ होता है। इंसान पढाई करे तो कब? यहाँ तो ये हाल है के कफ-सिरप जम के बिकते हैं क्योंकि नारेबाजी करते करते लोगों के हलक सूख जाते हैं, गले ख़राब हो जाते हैं। अगर ऐसा एक अलग अकैडमिक कैंपस बन जाए तो पढ़ने लिखने वाले बच्चे और बूढ़े स्टूडेंट्स दिल लगाकर पढ़ सकेंगे, बाकी सब करो यार नारेबाजी।”

मनीष के दादा जी के स्कूल के बैच-मेट, गोपालचंद्र वर्मा (57 वर्ष) जो के अभी भी मनीष के साथ ही JNU से पीएचडी करे रहे हैं, उन्होंने भी इस मामले पे टिप्पणी की, “देखिये मैं तो पिछले सत्तावीस सालों से अपनी डिग्री पूरी करने की कोशिश में लगा हूँ। पर आये दिन मोर्चा, धरना, कैंडल मार्च, होता ही रहता है। कभी पुलिस का विरोध, कभी सरकार का, कभी विदेशी सरकारों का। अब इस माहौल में कोई पढ़े तो कैसे पढ़े? यहाँ के कई स्टूडेंट्स के तो पोते पोतियां भी दूसरे स्कूल कालेजों से अपनी डिग्री पूरी कर चुके हैं लेकिन उनकी खुद की डिग्री पूरी नहीं हुई। अब बताइये! अलग कैंपस बनेगा तो ये अच्छा होगा कि धरने और नारेबाजी के उत्सुक छात्र मौजूदा कैंपस में ही अपने सारे प्रदर्शन करते रहेंगे। नए कैंपस में केवल पढाई ही होगी। अगर ऐसा न हुआ तो बहुत से स्टूडेंट्स को बुढ़ापे के दर्शन पहले होंगे और डिग्री के बाद में।”

ये नया कैंपस कब तक बनकर तैयार होगा ये कहना तो मुश्किल है परंतु इस नए कैंपस की घोषणा के विरोध में आज शाम कैंपस में एक और धरना किया जाना लगभग तय है।



ऐसी अन्य ख़बरें