Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

मेहमानों के साथ आया छोटा बच्चा सोफे पर कूदने लगा, घरवालों ने बड़ी मुश्किल से दबाया गुस्सा

11, Nov 2017 By Ritesh Sinha

रायपुर. सुंदर नगर में रहने वाले भावेश की शादी में उनके फूफाजी नहीं आ पाए थे, जाहिर है उन्हें शादी में रूठने का मौका भी नहीं मिला था। शादी के दिन फूफाजी ने फोन करके बता दिया था कि, “भावेश बेटा! मैं शादी में नहीं आ रहा हूँ, बहुत जरूरी काम आ गया है! तो बेटा तुम धूमधाम से शादी करो! मेरी चिंता मत करो! मैं कुछ दिन बाद बहूरानी से मिलने आ जाऊंगा!”

kid sofaअब चूँकि भावेश का कोई दूसरा फूफा नहीं था, तो “रूठने वाली” रस्म पूरा करने के लिए किराए में फूफाजी लाना पड़ा, तब कहीं जाकर शादी संपन्न हुई। जैसा कि फूफाजी ने वादा किया था, वे अपनी प्रतिज्ञा पूरा करने, दो महीने बाद भावेश से मिलने आ गए। उनके साथ उनके दो बच्चे, गोल्डी और पिंटी भी आए थे। आते ही भावेश ने उनका आदर सहित स्वागत किया और तुरंत नाश्ता-पानी उपलब्ध करवा दिया। सभी एक जगह बैठकर गप्पें मारने लगे। लेकिन उनके साथ आए मेहमान बच्चे बिल्कुल शांत बैठे थे, जैसे उन्हें कुछ आता ही ना हो। लेकिन जैसे ही वे माहौल में घुलमिल गए तो उनका असली रूप सामने आया।

गोल्डी और पिंटी सोफे पर खड़े हो गए और एक “Poem” बोलते हुए जोर-जोर से कूदने लगे।यह देखकर भावेश के सीने पर सांप लोटने लगा। “कितना अत्याचार हो रहा है मेरे नाजुक सोफों पर! और मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूँ!”-वह मन ही मन सोचने लगा।

तभी उसने प्यार से कहा-“चलो बेटा! बाहर जाकर खेलो! हम लोग यहाँ बातें कर रहे हैं ना!” लेकिन उनकी इस अपील का कोई असर नहीं हुआ। वह पानी-पानी हो गया। पांच मिनट बाद फिर उसने थोड़ा मुंह बिगाड़कर कहा- “बाहर जाओ ना! यहाँ हल्ला मत करो! ..और सोफे से उतरो!” बच्चों ने इस बार भी उनकी बातों को ऐसे टाल दिया जैसे विजय माल्या, सुप्रीम कोर्ट को टाल देते हैं।

भावेश ने ठान लिया कि वह बदला लेकर रहेगा। उसने बच्चों से कहा- “चलो! मैं तुम लोगों को विडियो गेम दिखाता हूँ!” लेकिन बच्चे बहुत चालाक थे, उन्होंने झट से जवाब दिया, “हम विडियो गेम नहीं खेलेंगे! हम यहीं रहेंगे पापा के पास!” सुनकर भावेश ने हथियार डाल दिए, और बस इतना कहा- “अच्छा तो ठीक है! यहीं रहो!”



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