Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

थ्रिलर नॉवल्स पढ़कर खुद को समझने लगा डिटेक्टिव, ढूँढ रहा है 4 साल पहले चोरी हुई चप्पल

04, Oct 2016 By banneditqueen

भोपाल. व्योमकेश बक्शी या कहें कि देसी शेरलॉक होम्स, ये नाम सुनते ही आपके ज़हन में एक शांत स्वभाव का तेज़ दिमाग वाला आदमी आया होगा। घोड़ा निक्कास मे रहने वाला पिंटू भी ऐसे जासूसों का बड़ा फैन था। आए दिन सस्पेंस से भरे शोज़ देखता़ और नॉवल्स पढ़ता रहता था। इसके अलावा क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया भी बहुत मन से देखता। कई बार शो के शुरू होने से पहले ही अनुमान लगाता की खूनी कौन है या चोरी किसने की। धीरे धीरे उसे यकीन हो गया कि वह भी ऐसे पेचीदा केस सुलझा सकता है।

यहाँ से ही चोरी हुई थी चप्पल
यहाँ से ही चोरी हुई थी चप्पल

रोज़ यही सपना देखता कि किसी दिन वो बहुत बड़ा केस चुटकी में सुलझाएगा और रातों रात मशहूर हो जाएगा। कई बार अखबार में किसी जुर्म के बारे में पढ़ने के बाद पुलिस थाने जाता और बोलता “सर ये केस आप मुझ पर छोड़ दो मैं खूनी का पर्दाफाश करूँगा।” इतना सुनते ही पुलिस वाले हँसने लगते और चार गालियाँ देकर बाहर निकाल देते। उसने एक दिन सोचा कि “चार साल पहले चोरी हुई मेरी चप्पल का मैं पता लगा लूँ तो यह साबित हो सकता है कि मैं भी जासूस हूँ।” उसने अपनी चप्पल से जुड़े सारे सबूत इकठ्ठा किये।

यहाँ तक की जहाँ से चप्पल चोरी हुई थी उस मंदिर के सामने वाली दुकान का CCTV footage भी निकालने की कोशिश की। आधी रात को दुकान का ताला फिल्मी स्टाइल में हेयर क्लिप से खोलने की कोशिश की पर वह नहीं खुला। अगले दिन उसने दुकान के चौकीदार को 100 रुपये पकड़ाकर CCTV फुटेज निकालने के लिये कहा। चौकीदार ने 500 रुपये माँगे और पैसे लेने के चार दिन बाद बताया उस समय दुकान में CCTV नहीं लगा था। पिंटू कई दिनों तक इधर-उधर भटकता रहा। पाँच सौ रुपये की चप्पल ढूँढने के चक्कर में उसके पाँच हज़ार रुपये खत्म हो गए।  जब उसे उस बात का एहसास हुआ तब उसने जासूसी के ख्वाब देखना छोड़ दिये।



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