Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

लड़कियों से बात करने के चक्कर में मैकेनिकल इंजीनियर बन गया पानी पूरी वाला

30, Oct 2017 By banneditqueen

भोपाल. बड़े अरमान लेकर डुमरियागंज का शैलेश भोपाल शहर के मैनिट में मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने आया था। उसे उम्मीद थी कि कॉलेज में तो कई लड़कियां मिलेंगी, गर्लफ्रेंड न सही लड़कियां दोस्त ही बन जाएंगी। पर उसके सारे अरमान कॉलेज के पहले दिन ही पानी में बह गए। क्लास के पहले ही दिन उसने देखा कि उसक ब्रांच में एक भी लड़की नहीं है।

लड़कियों की भीड़ शी खुश शैलेश
लड़कियों की भीड़ शी खुश शैलेश

बाकि ब्रांचेस में लड़किया तो थी पर सबके पहले ही ग्रुप बन चुके थे और शैलेश की इन लड़कियों से बात करने की भी कभी हिम्मत नहीं हुई। पर एक दिन अचानक शैलेश का ध्यान इस बात पर गया कि कॉलेज कैंपस के बाहर जब पानी पूरी वाला आता है तब चाहे उसके बैच की लड़कियां हो या कोई और बैच की सभी लाइन लगा कर खड़ी हो जाती हैं। शैलेश ने सोचा चलो गर्ल फ्रेंड न सही लड़कियों से बात करने का मौका ही मिल जाए।

अगले ही दिन शैलेश ने भी कॉलेज में ही पानी पूरी का ठेला लगा लिया ,शैलेश के दोस्त हैरान थे कि आखिर ये क्या माजरा है। जब उसके एक दोस्त ने पूछा कि ”ये तुझे क्या हुआ क्लासेज छोड़ कर पानी पूरी क्यों बेच रहा है ?” शैलेश ने कहा ”यार ऐसे तो लड़कियां पास तक नहीं भटकती कम से कम पानी पूरी बेचना शुरू किया है तो लड़कियां बात कर लेती हैं। मैं इसी में ही खुश हूँ, पढ़ लिख कर क्या फायदा हुआ ? ब्रांच ऐसी मिली कि एक भी लड़की नहीं है उसमें।” शैलेश इसी बात से खुश है कि चलो लड़कियां उससे पानी पूरी के बहाने ही बात कर रहीं हैं।



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