Wednesday, 28th June, 2017
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ठाकुर के बार-बार Candy Crush रिक्वेस्ट भेजने से चिढ़कर गब्बर ने काटे थे उसके हाथ: साम्भा ने किया खुलासा

31, May 2015 By Pagla Ghoda

चंबल घाटी : एक सनसनीखेज़ खुलासे में गब्बर के पूर्व असिस्टेंट समर्थ भसीन (शॉर्ट फॉर्म: सांभा) ने बताया है के गब्बर ने दरअसल ठाकुर के बार बार “कॅंडी क्रश सागा” रिक्वेस्ट भेजने से तंग आकर उनके हाथ काट डाले थे। अपने ब्लॉग “रामगढ़ की हसीन यादें” पर पोस्ट करते हुए उन्होने लिखा:

“श्री गब्बर सिंह काफ़ी शांतिप्रिय व्यक्तित्व के इंसान थे। सुबह सुबह वह मेरे तथा कालिया जैसे अहम सदस्यों के संग मिलकर हमारे गिरोह की सशक्त रणनीतियाँ बनाया करते थे। उसी समय वह पूरे पिछले दिन के अकाउंट्स भी चेक करते थे कि रामगढ़ से कितना रसद आया, जूनागढ़ वालों ने कितना अनाज दिया, इत्यादि। सभी डाकुओं की तनख़्वायें टाइम पर उनके अकाउंट मे क्रेडिट हो रहीं हैं के नही, इसका वह ख़ास ध्यान रखते थे। पूरे गुरोह को पालना आसान काम नहीं था!“

Candy Crush
ठाकुर के हाथ और कैन्डी क्रश

“अब सुबह­ सुबह यह सब अहम काम करते समय, बार बार फोन का बज उठना उन्हें कतई पसंद नहीं था। इसलिए ठाकुर जब बार बार कैन्डी क्रश सागा रिक्वेस्ट भेजने लगा तो उन्होने उसे दो तीन बार WhatsApp करके चेताया भी के ठाकुर ये सब गेम मैं नहीं खेलता हूँ, फ़ालतू के रिक्वेस्ट भेजना बंद कर नहीं तो अच्छा नहीं होगा, पर वह नहीं माना। और इसके परिणामस्वरूप ठाकुर को अपने हाथों से हाथ धोना पड़ा।”

एक NGO द्वारा आयोजित एक चैरिटी इवेंट में चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाये गए सांभा ने गब्बर से जुड़े कुछ और अहम खुलासे भी किए, उन्होंने कहा:

“बसंती को टूटे काँच पे नाचवाना दरअसल एक रेक्रूटमेंट एक्सररसाइज़ थी। गब्बर देखना चाह रहे थे के अगर इस छमिया को फुल टाइम जॉब पे रखा जाएगा तो वह ठीक से नाच पाएगी के नहीं। डाकू पार्टिज़ के दौरान बोतलें टूटती रहती हैं, एक कुशल नृत्यांगना को टूटी बोतलों पर नाचने की प्रॅक्टीस होनी ही चाहिए।

कालिया को मारने का कारण उसका रामगढ़ से खाली हाथ लौटना नहीं था। कालिया दरअसल सरदार के पीठ पीछे उनकी बैड माउथिंग करने लगा था। अपने दो साथियों के संग मिलकर दूसरे डाकुओं से सरदार की बैक बिचिंग किया करता था। गिरोह में पीपल-इशू काफी बढ़ने लगे थे। अब सरदार उसे निकाल देते तो वह दूसरे गिरोह में जाके हमारे ट्रेड सीक्रेट्स खोल के रख देता। पूरे गिरोह के लार्जर इंटरेस्ट में उसकी मृत्यु अवश्यम्भावी थी।”

बोलते बोलते साम्भा काफी भावुक हो गए और उनकी आँखों से अश्रु बहने लगे। इमोशनल नोट पर स्पीच एंड करते हुए उन्होंने कहा :

“गब्बर एक कुशल नेता और एक धैर्यवान व्यक्ति थे। जूनियर डाकू हो या मैनेजिंग पार्टनर, सभी का समान रूप से ख्याल रखने वाले लीडर थे वो। उनके कईं कृत्यों को कोई समझ नहीं पाया। लोग उन्हें भले ही एक विलेन समझें, पर हम पुराने डाकुओं के लिए वह हमेशा एक सादे एवं सक्षम व्यक्तित्व का उदहारण ही रहेंगे। हमारे लिए तो वह एक हीरो ही रहेंगे ।” – अपने आंसू पोंछते हुए साम्भा ने समाप्त किया।



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