Thursday, 14th December, 2017

चलते चलते

इतनी ठंड में कोई भी नहीं चलाना चाहता था बाइक, पीछे बैठने के लिए आपस में भिड़ गए दो दोस्त

26, Nov 2017 By Ritesh Sinha

पटना. सर्फरी गाँव के रहने वाले प्रकाश और प्रवीण की दोस्ती पूरे गाँव में मशहूर है, लोग उनकी दोस्ती की मिसालें दिया करते हैं। लेकिन पिछले दिनों कुछ ऐसा हुआ कि उनकी दोस्ती टूटने की कगार पर आ गई। हुआ यूँ कि दोनों दोस्त एक ही बाइक पर बैंक PO का एग्जाम देने पटना आए हुए थे। परीक्षा देते-देते शाम हो गई। जब वे घर वापस जाने के लिए निकले तो प्रवीण ने बाइक चलाने से इनकार कर दिया। उसने कहा- “यार! शाम हो गई है, और ठंडी का दिन है! ..तो गाड़ी तू चला मैं पीछे बैठता हूँ!”

guys on bike
समझौता होने के बाद बाइक पर जाते प्रकाश और प्रवीण

प्रवीण की बात को मज़ाक में लेते हुए प्रकाश ने कहा- “अबे नहीं यार! अब तो गाड़ी तू ही चलाएगा! मेरी तो पहले से ही नाक बह रही है! चल बाइक स्टार्ट कर!” इस पर प्रवीण थोड़ा रौब दिखाते हुए बोला- “देख प्रकाश! ये गाड़ी मेरी है, और तुम मेरे साथ आए हो! इसलिए मैं जो कहूँगा तुम्हें करना पड़ेगा! समझ गए? तुम गाड़ी चलाओगे और मैं पीछे बैठूँगा!” उसकी यह बात प्रकाश को चुभ गयी, उसने भी ताव में आकर कह दिया- “साले! दिखा दी ना अपनी औकात! दोस्ती के नाम पर धब्बा है तू!”

थोड़ी देर जुबानी जंग करने के बाद दोनों ने डिसाइड किया कि अब बाहुबल का प्रयोग करने का समय आ गया है। इस ठंडी में कोई भी गाड़ी चलाना नहीं चाहता था, सो दोनों बीच सड़क पर ही गुत्थम-गुत्था हो गए। दोनो ने एक दूसरे का कॉलर, पहले ही वार में चीर दिया। थोड़ी देर बाद कमीज भी इस दंगल को बर्दाश्त नहीं कर पाई और बीचों-बीच फट गई।

इसी बीच, इन दोनों का तमाशा देखने के लिए बहुत से लोग वहां जमा होना शुरू हो गए। ज्यादातर लोग इस दंगल का मज़ा ले रहे थे, कोई उन्हें शांत नहीं करा रहा था। थोड़ी देर बाद, कुछ अन्ना हजारे टाइप लोगों ने किसी तरह इन दोनो को छुड़ाया।

“चल! आधी दूरी तक गाड़ी मैं चलाऊंगा! आधी तुम चलाना!” -प्रकाश ने हाँफते हुए कहा। प्रवीण को भी यह आइडिया जंच गया तो उसने भी “हाँ” कर दी। इसके बाद दोनों ने बाइक उठाई और धीरे-धीरे कड़कड़ाते हुए अपने गाँव की ओर बढ़ गए।



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