Tuesday, 24th April, 2018

चलते चलते

बॉस के जोक ख़त्म होने के पहले ही हँस दिया युवक, मिला डबल प्रमोशन

20, Jan 2018 By Guest Patrakar

गुड़गाँव .कभी-कभी आपकी छोटी हरकतें आपकी ज़िन्दगी बदल सकती है। ऐसा ही कुछ हुआ BPO में काम कर रहे एक युवक के साथ हुआ जहाँ उसे बॉस के जोक ख़त्म करने से पहले ही हँसने पर डबल प्रमोशन प्राप्त हुआ।

हँसते हुए एम्प्लोयी
हँसते हुए एम्प्लोयी

गुड़गाँव के विकास सबरवाल ने मन्थ्ली मीटिंग में जाने से पहले कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि इस मीटिंग के बाद वह टीम एग्ज़ेक्युटिव नहीं बल्कि टीम मैनेजर बन जाएँगे।

हर महीने की तरह जनवरी में भी विकास की कम्पनी में मीटिंग थी। जहाँ बॉस, टीम मैनेजर, टीम लीडर और इग्ज़ेक्युटिव मिलते तथा महीने भर के टार्गेट सेट करते थे। लेकिन उस दिन उस मीटिंग में कुछ ऐसा हुआ जिसका किसी को अंदाज़ा नहीं था। हुआ यूँ कि बग़ल में बैठे विकास अपने बॉस निखिल आहूजा को इस क़दर देख रहे थे कि उनकी की भी नज़र विकास पर पड़ गई। बात यहीं नहीं रुकी इसके बाद निखिल ने उस मीटिंग में कुछ नॉन-वेज जोक सुनाने शुरू करे, जो कि अक्सर अधेड़ उम्र के बॉस नौजवानों में जवान बने रहने के लिए करते ही है। लेकिन उस दिन ख़ास बात यह थी कि बॉस के जोक ख़त्म करने से पहले ही विकास हँस पड़ा और निखिल का दिल जीत लिया। निखिल ने कहा “यूँ तो मैंने बहुत चमचे देखे है जो मेरे बुरे जोक सुनाने पर भी बिना वजह हँसते, लेकिन तुम पहले ऐसे हो जो मेरे जोक ख़त्म होने से पहले ही हँस दिए। वेल डन हमें ऐसे ही दूरदर्शिता वाले लीडर अपनी कम्पनी में चाहिए, मैं तुम्हें टीम लीडर बल्कि मैनेजर का प्रमोशन देता हूँ”। जिसके बाद पूरे ऑफ़िस में खलबली मच गई।

विकास के टीम लीडर महेश इस बात से काफ़ी दुखी थी और उन्होंने अपने दुःख की वजह हमसे शेयर की। महेश ने कहा “मैं पिछले तीन महीनो बॉस के बच्चों को स्कूल से लेने जाता था। ऐसा कोई भी त्योहार नहीं होगा जिसमें मैंने उन्हें ख़ुद फ़ोन करके विश नहीं किया हो। मैंने तो उन्हें मुहर्रम तक की बधाई दे दी थी। उनके बच्चों का होम्वर्क से लेकर परेंटस मीटिंग तक सब मैं देखता था। कई बार तो उनके बीवी और बच्चे मुझे पती और पापा बोल देते थे। इतना करने के बावजूद भी अगर मेरी जगह किसी नए लड़के को मैनेजर बना दिया जाए तो मेरा जीने का क्या फ़ायदा।”

महेश अकेले नहीं ऐसे बहुत है जो विकास के प्रमोशन से ख़ुश नहीं है। लेकिन बॉस के फ़ैसले के ख़िलाफ़ बोलने का अंजाम के कारण सब चुप है।

निखिल को समझना चाहिए कि केवल आगे पीछे घूमने वाले और हाँ में हाँ मिलाने वालों को आगे बढ़ाने में आपको तो फ़ायदा होगा लेकिन कम्पनी को नुक़सान में चली जाएगी। इसका सीधा साधा उदाहरण काँग्रेस पार्टी है। आप गाँधी परिवार की हाँ में हाँ मिलाकर राहुल गाँधी को नेता तो मान लोगे लेकिन इसमें पार्टी का कितना नुक़सान होगा यह आप नहीं जानते। ख़ैर अभी विकास अगले हफ़्ते से मैनेजर के रूप में ऑफ़िस जोईन करेंगे, देखना होगा कि अब आगे के प्रमोशन वह कैसे प्राप्त करते है।



ऐसी अन्य ख़बरें