Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

दिल्ली में फैला स्मॉग कुछ नहीं, बल्कि विपक्षी दलों की जलन से निकला धुआं है: मोदीजी

11, Nov 2017 By Nagesh Mishra

दिल्ली. पूरी राजधानी में मौसम का हाल कुछ यूं है, जैसे एक बैचलर लौंडे में कमरे में खिड़की बंद कर धूपबत्ती जला दी गयी हो। बड़े, बूढ़े और बच्चे सबका बुरा हाल है. हालांकि एक खास प्रजाति ऐसी भी है।  जो इस प्रदूषण के कहर से प्रभावित नहीं हो पाई है, वो है इंजिनियर। मुद्दे से भटकते हुए समाचार पर वापस आते हैं. दिल्ली की प्रदूषित हवा और जहरीले स्मॉग पर देश के मुख्य शुभचिंतक प्रधानसेवक मोदीजी ने बयान दे दिया है।  इसके लिए रिपोर्टर्स को दस दिन तक उनकी हर पोज़ में चौंका देने वाली फ़ोटोज़ खींचनी और प्रकाशित करनी पड़ी.

modiमोदी जी ने इस मसले को अतिसाधारण करार देते हुए कहा कि नोटबंदी (अर्थव्यवस्था की नसबंदी) की सालगिरह पर ही स्मॉग का इस तरह वातावरण में फैलना इस बात का सूचक है कि ये धुआं है।  धुआं का मुख्य कारण मोदी जी ने विपक्षी दलों के जलते कलेजे को ठहराया।  उनके अनुसार, देश में विकास पैदा हुआ है, हालांकि विपक्षी दलों को इसकी जानकारी नहीं है क्योंकि उसके नामकरण और छठी में उनको नहीं बुलाया गया था। बोलते-बोलते मोदी जी को कई फ़ोन भी आ रहे थे।  मोदीजी ने कहा कि देश में उठता ये धुआं विकास के पैदा होने की ख़ुशी में है, इसलिए बाकी देश वाले भी उनसे विकास पैदा करने के टिप्स लेना चाहते हैं, इसलिए उन्हें बार-बार फ़ोन किया जा रहा है।  मोदीजी ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि ये धुआं उनके घर उस दिन सबसे ज़्यादा तब देखा गया था, जब उन्होंने करोड़ों का सूट धारण किया था।

जब उनसे पूछा गया कि आप इस प्रदूषित हवा से चिंतित नहीं है, आपके इतने कूल माइंड होने का कारण क्या है, तो उन्होंने कहा कि ये मशरूम खाने से आता है. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वाकई ये जहरीली हवा है, तो गडकरी जी को पराठे खाने के लिए मना करेंगे।  अब देखते हैं विपक्ष के सूरमा इस कड़े प्रहार पर कैसा रियेक्ट करते हैं?



ऐसी अन्य ख़बरें