Tuesday, 21st February, 2017
चलते चलते

दिवाली के पटाखे बनाने वाले बाल मज़दूरों के नहीं छिलेंगे हाथ, दिए जायेंगे दस्ताने

25, Oct 2016 By banneditqueen

जखोलियाब गांव: त्योहारों के पावन अवसर पर पटाखा फैक्ट्री के बाल मज़दूरों के लिए एक खुशखबरी सामने आयी है। पटाखा कंपनी के मालिकों ने दावा किया है कि हमेशा की तरह इस बार वो बाल मज़दूरों के हाथ छिलने नहीं देंगे। सभी बच्चों को एक एक जोड़ी रबर के दस्ताने दिए जायेंगे। यही नहीं जो बच्चा दिन में सबसे ज़्यादा पटाखे बनाएगा उसे एक मैंगो वाली टॉफ़ी भी ईनाम के तौर पे दी जाएगी।

पटाखे बनाते मजदूर
पटाखे बनाते मजदूर

पटाखा फैक्ट्री के बारह वर्षीय मुन्नू जो के पिछले कई सालों से पटाखे बनाने में माहिर हैं उन्होंने बताया, “एक दिन में सबसे ज़्यादा पटाखे बनाने का रिकॉर्ड तो हम बहुत पहले से कर रहे हैं, पर कभी ठीक से इनाम नहीं मिला। इस बार मिलेगा तो अच्छा रहेगा। दस्ताने पहन कर पसीना आएगा हाथ में पर मालिक लोग कह रहे हैं के दो तीन साल में कुछ पंखे भी लगवा दिए जायेंगे फैक्ट्री में, तो गर्मी शायद कम होगी। और शौचालय भी बनेगा शायद, पर कब ये पता नहीं।”

त्यौहार से ठीक एक हफ्ते पहले जब पटाखे बनाने का और उन्हें शहर भेजने का प्रेशर सबसे ज़्यादा होता है, उस समय मज़दूरों का शौच दिन में केवल दो बार तक वर्जित कर दिया जाता है। इस संख्या को भी बढाकर तीन करने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है, पर इस पर पटाखा कंपनी मालिकों में आम राय नहीं बनी है। पटाखा बनाते वक़्त होने वाली दुर्घटनाओं के मरीजों के तुरंत उपचार के लिए सुबह पंद्रह मिनट और शाम को पंद्रह मिनट तक एक कंपाउंडर का इंतज़ाम करने की बात पर उस पर सहमति नहीं बनी है, तो पुनः विचार अब अगले वर्ष ही किया जायेगा। हाँ पटाखे बनाते वक़्त किसी भी मज़दूर को कई घंटो तक नींद न आये उसके लिए कौनसी दवाई और इंजेक्शन मंगवाएं जाए उसपर फैसला हो गया है और उसका ऑर्डर जल्द ही दिया जायेगा।



ऐसी अन्य ख़बरें