Monday, 26th June, 2017
चलते चलते

डॉक्टर और दवाई विक्रेताओं के बाद मरीज़ों ने भी की हड़ताल, अगली घोषणा तक नही पड़ेंगे बीमार

30, May 2017 By Ritesh Sinha

मुंबई. अगर देश में कुछ दिनों तक हड़ताल ना हो, तो डर सताने लगता है, कि कहीं लोग, हड़ताल करने की कला ही ना भूल जाएं। ताजा मामला दवाई विक्रेताओं का है, जिन्होंने देश भर में हड़ताल का एलान कर दिया है। 9 लाख दवाई विक्रेताओं ने एक दिन के लिए अपनी दुकान बंद कर दी है। वैसे राहत की बात ये है कि इन 9 लाख दवाई विक्रेताओं में से किसी को भी रेल पटरी उखाड़ना नहीं आता है। अतः ये सभी विक्रेता एक छोटा सा बैनर टांग कर, नारेबाजी करने के अलावा कुछ ख़ास नहीं कर पाएंगे।

हड़ताल से अब नहीं होंगे परेशान
हड़ताल से अब नहीं होंगे परेशान

इससे पहले डॉक्टर और नर्सेज भी, कई राज्यों में हड़ताल करके अपना लोहा मनवा चुके हैं। इस पूरे फ्रेम से बेचारा मरीज ही अकेला गायब है, जिसके पास बीमार पड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लेकिन अब मरीजों का स्वाभिमान भी जाग चुका है, वे भी दिखा देना चाहते हैं कि हड़ताल करना उन्हें भी आता है। देश भर के मरीजों ने घोषणा कर दी है कि अगले आदेश तक वे सर्दी,खांसी, बुखार, या कब्ज की चपेट में नहीं आएँगे और कुछ दिन तक ‘हेल्दी’ जीवन बिताएंगे।

मुम्बई के रहने वाले एक युवक रवि प्रताप ने बताया कि “देखो! मैं एक MNC में काम करता हूँ, इसका मतलब ये हुआ कि शनिवार-रविवार को मुझे सर्दी होना एकदम पक्का है। लेकिन अब ये सब पुराने दिनों की बात हो जाएगी, क्योंकि मैंने फैसला किया है कि आज से ना मुझे सर्दी होगी, ना कब्ज और ना ही बुखार। सुबह-सुबह दौड़ने जाऊंगा, एक घंटा व्यायाम करूँगा, जंक फ़ूड से दूर रहूँगा, और दबा के पानी पीऊंगा!” -कहते हुए वे अपना हाथ-पैर हिलाने लगे।

“क्या आप ये सब कर पाएंगे?” ऐसा पूछे जाने पर रवि ने अपने दोस्त, गौरव को आगे कर दिया, जो झूठ बोलने में ज्यादा एक्सपर्ट है। गौरव ने सीना फुलाकर जवाब दिया -“बिल्कुल करेंगे, हर रोज़ करेंगे!”

“आप ये अभियान कितने दिनों तक चलाएंगे? मतलब आप कितने दिनों तक बीमार नहीं पड़ेंगे?” ऐसा पूछे जाने पर रवि ने बताया कि “ओह्ह, रहने भी दो! हम ज्यादा दिन तक अपने कल्चर से दूर नहीं रह सकते। एक बार इन डॉक्टर्स और केमिस्ट्स को मज़ा चखा लें, उसके बाद हम फिर से बीमार होना शुरू कर देंगे।”

चूँकि, रवि की नीयत में कोई खोट नहीं है, इसलिए देश भर से लोग इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। ट्विटर, WA, और फेसबुक के जरिए इस अभियान में अब तक करोड़ों लोग जुड़ चुके हैं।



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