Sunday, 17th December, 2017

चलते चलते

एक घंटे में भी सैलो टेप का सिरा नहीं ढूंढ पाया युवक, बिना 'पैक' किए ही देना पड़ा गिफ्ट

18, Oct 2016 By Ritesh Sinha

मुंबई. पाली हिल इलाके में रहने वाले मयंक दवे और उनकी पत्नी अलका अपने एक दोस्त के बर्थडे पार्टी में जाने के लिए लेट हो रहे थे। तभी अलका ने मयंक से कहा-“उफ्फ्फ..गिफ्ट तो पैक ही नहीं हुआ है, ऊपर से हमें देर हो रही है। आप जल्दी तैयार होकर गिफ्ट पैक कर दो ना! तब तक मैं घर का कुछ काम निपटा लेती हूँ।” इतना सुनते ही मयंक जल्दी से तैयार हुआ और गिफ्ट को पैक करने के लिए कैंची, Cello टेप और रैपर लेकर सोफे पे बैठा गया। रैपर को गिफ्ट में लपेटने के बाद वो उसे चिपकाने के लिए Cello टेप का सिरा ढूंढने लगा।

टेप का सिरा ढूंढता मयंक
टेप का सिरा ढूंढता मयंक

मयंक ने Cello टेप के ऊपर अपना नाखून रखा और गोल-गोल घुमाकर टेप का सिरा जांचने लगा। पांच मिनट हो गए लेकिन Cello टेप का सिरा मयंक के नाखून में फंसा ही नहीं। अब मयंक एकदम ध्यान लगाकर Cello टेप का सिरा खोजने में जुट गया, फिर भी उसे सिरा नज़र नहीं आया। आधे घंटे से मयंक को सिरा खोजते हुए देखकर अलका पास आई और जोर से बोली- “एक काम ढंग से नहीं होता आपसे! कितने घंटे हो गए एक छोटा सा गिफ्ट पैक करते-करते। पता नहीं ऑफिस में कैसे काम करते होंगे आप।” इतने में मयंक बोला “अरे! ये Cello टेप का सिरा मिल ही नहीं रहा है, बड़ी देर से ट्राई कर रहा हूँ।” “लाओ मैं खोजती हूँ!” कहते हुए अलका ने Cello टेप मयंक से छीन लिया। आधे घंटे तक अलका ने भी किस्मत आजमायी लेकिन उसे भी सफलता हाथ नहीं लगी।

जब अलका को भी सिरा नहीं मिला तो उसने बहाना बनाते हुए कहा- “मैंने आज ही नाखून काटा था ना इसलिए सिरा फँस नहीं रहा है।” जब सिरा ढूंढते ढूंढते दोनों का दिमाग खराब हो गया तो अलका ने कहा- “चलो छोड़ो! लेट हो रहा है, बिना पैक किए ही दे देते हैं। चलो जल्दी चलो!” उधर, जब अलका ने अपना गिफ्ट अपनी सहेली को दिया तो सब उनकी ओर बड़ी अजीब नज़र से देखने लगे। अलका और मयंक समझ गए कि गिफ्ट पैक्ड ना होने की वजह से ही सब उनकी ओर देख रहे हैं। उसी वक़्त मयंक ने कसम खाई कि वो अगली बार गिफ्ट दुकान से पैक कराकर ही लेगा या फिर किसी को गिफ्ट देने से एक हफ्ते पहले Cello टेप का सिरा ढूंढ कर रख लेगा।



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