Sunday, 20th August, 2017

चलते चलते

फूलगोभी पर हरा रंग चढ़ा "ब्रोक्ली" बेचते 2 MBA गिरफ्तार, हाई-पेइंग जॉब छोड़ शुरू किया था बिज़नेस

22, Feb 2017 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली: “अंग्रेजी फूलगोभी” यानी के ब्रोक्ली के दीवाने हो जाएँ सावधान क्योंकि ब्रोक्ली के सबसे पहले नक्काल सप्लायर पकडे गए हैं। श्री रंजू बाबा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट साइंस के दो MBA ग्रेजुएट महेश मदारिया और सुरेश शकारिया जो की बड़ी बड़ी आईटी कंपनीयों में कार्यरत थे उन्होंने कुछ दो महीने पहले अपनी तथाकथित “हाई पेइंग” यानी के मोटी तनख्वाह वाली नौकरियां छोड़कर ब्रोक्ली पर हरा रंग चढ़ाकर दुकानों पे थोक में बेचने का ये बिज़नेस शुरू किया था, और जल्द ही उन्हें “स्केल-अप” करने के लिए कई करोड़ रूपये की फंडिंग भी मिलने वाली थी। लेकिन कुछ ग्राहकों और दुकानदरों की शिकायत पर गत शाम उन्हें वसंत कुञ्ज की एक हवेली से फूगोभियाँ रंगते हुए, रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना से जहाँ ब्रोकली-प्रेमी काफी परेशान हैं वहीँ ट्विटर और सोशल मीडिया पर “हम पे ये किसने हरा रंगडाला” जैसे जोक्स बनने शुरू हो गए हैं।

हमपे ये किसने हरा रंग डाला
हमपे ये किसने हरा रंग डाला

महेश और सुरेश से भारी मात्रा में ब्रोक्ली खरीदने वाले एक दुकानदार छज्जूमल क्रांतिकारी जी उनकी इस धरपकड़ से काफी उतेजित हैं। छोटे छोटे बैंगनों को लोशन से चमकाते हुए उन्होंने बताया, “अबे हमें तो पहले ही शक था इनकी “अंग्रेजी फूलगोभी” पे, क्योंकि कुछ ज़्यादा ही बढ़िया लगती थी दिखने में। लेकिन करें क्या साहब, जो कोई ग्राहक आता है वो “भोकाली” (ब्रोक्ली) ही मांगता है। बिकती भी फूलगोभी से दस गुने दाम पे है। हम भी देखिये साहब गरीब तबके के ही हैं, बच्चों की फीसें भरनी होती है, बीवी को शापिंग माल ले जाना पड़ता है, आ गए थे लालच में। लेकिन अब बस, आगे से हम सच्चों से ही खरीदेंगे, कच्चों से नहीं।”

इस ब्रोक्ली बिज़नस के सीईओ महेश को जब हथकड़ी बाँधकर ले जाया जा रहा था तब उन्होंने फेकिंग न्यूज़ से बात कर इस मामले पर कुछ टिप्पणियां की। उन्होंने कहा, “देखिये ये सब गलत इल्ज़ामात हैं, हमने एक सिंपल फूलगोभी को लेकर उस पर एक “खाने योग्य” हरा रंग चढ़ाया है। जिससे वो ब्रोकली जैसी लगे। ये जो रंग है वो मिनरल इत्यादि से भरपूर है, इसलिए सब लोगों के लिए काफी हेल्दी है। और हमारी ब्रोक्ली के पैकेट्स पर छोटे शब्दों में एक डिस्क्लेमर साफ़ लिखा है के “this is mineral enriched cauliflower” यानी के खनिज तत्वो से भरपूर फूलगोभी। लेकिन दुकानदार दरअसल हमारे पैकेट को फाड़कर हमारी ब्रोकली को MRP से और ज़्यादा दाम पर बेचते हैं, तो लोग पैकेट पर लिखा डिस्क्लेमर पढ़ ही नहीं पाते। खैर हमने मशहूर वकील श्री काय्पाल जी झूठचलानी को अपना डिफेन्स लॉयर नियुक्त किया है, वो हमें इन्साफ ज़रूर दिलाएंगे।”



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