Friday, 24th November, 2017

चलते चलते

क्रश के रिप्लाई के इंतज़ार में तीन दिन तक जागता रहा युवक, अस्पताल में हुआ भर्ती

07, Oct 2016 By banneditqueen

भोपाल. फेसबुक व्हॉट्सैप वाली इस पीढ़ी को हर काम ऑनलाइन करने की आदत होती है। चाहे व्यक्ति सामने वाले कमरे में ही क्यूँ ना हो मिलकर बात करने के बजाय मैसेज पर बात करना आसान लगता है। सेंट मेरी स्कूल में पढने वाले नमन को अपनी क्लास की पलक पर कई सालों से क्रश था। पलक नमन के सामने वाली बेंच पर बैठती थी। नमन ने कई बार पलक से बात करने की कोशिश की पर वह हिम्मत नहीं जुटा पाया। स्कूल के फाइनल एक्ज़ाम करीब थे, नमन ने सोचा स्कूल खत्म होने से पहले उसे पलक से बात करनी चाहिये। उसने पलक को फेसबुक पे रिक्वेस्ट भेजी।

पलक के मैसेज का इंतज़ार करता नमन
पलक के मैसेज का इंतज़ार करता नमन

उसी रात नमन ने पलक को मैसेज किया। पहले कई दिनों तक दोनों ने सिर्फ क्लास और पढाई की बात की। फिर कुछ ही दिनों में फोन नम्बर भी एक्सचेंज कर लिये। एक रात नमन ने पलक को बताया कि वह उसे पसंद करता है। पलक ने जवाब दिया “brb”। उसके बाद कुछ देर तक उसने इंतजार किया| थोड़ी देर बाद पलक ऑनलाइन आई। चैट बॉक्स  में टाइपिंग लिखा आ रहा था। नमन दिल थाम कर पलक के रिप्लाई का इंतजार कर रहा था। काफी देर तक पलक का कोई जवाब नहीं आया। नमन डर गया ये सोचकर कि “कहीं पलक ने ना बोल दिया तो या दोस्तों को बता दिया तो?”

पलक का रात भर कोई जवाब नहीं आया। पूरी रात गुजर गई और नमन पलक के जवाब के इंतजार में बैठा रहा। अब पूरे तीन दिन निकल चुके थे पर नमन सोया नहीं था। बस इसी इंतजार में बैठा रहा कि शायद पलक कुछ जवाब देगी। तीन दिन बाद उसकी तबियत खराब हो गई। घरवाले ये सोच रहे थे कि पढाई के टेंशन की वजह से ऐसा हुआ। हालाँकि अस्पताल जाने का यह फायदा हुआ कि पलक उससे मिलने आई और आखिरकार उसके मैसे़ज का जवाब दिया।



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