Saturday, 23rd September, 2017

चलते चलते

लाइन में लगे लोगों को चाय नाश्ता बेच खोमचेवालों ने कमाए 15000 करोड़ रुपए: सूत्र

19, Nov 2016 By Pagla Ghoda

नई दिल्ली:जब बात डीमोनेटाइज़ेशन यानी के नोटबंदी की आती है तो कोई भी आंकड़ा छोटा नहीं होता, बड़े बड़े नंबर ही निकल के आते हैं। जैसे के एक दिन में 583 हज़ार करोड़ एसबीएआई में जमा हो गये। कुल छत्तीस हज़ार करोड़ बैंकों में जमा हो चुके हैं इत्यादि। इसी तरह का एक और बड़ा नंबर सामने आया है के एटीएम और बैंकों की लाइन में लगे लोगों ने लाइनों में खड़े खड़े करीब 15000 करोड़ रूपये का चाय नाश्ता अभी तक कर डाला है।

चाय बेचता राजू
चाय बेचता राजू

नोटबंदी की विशेषज्ञा श्रीमती धनंजया स्वर्णकुमारी महोपात्रा जो के एक बैंकर भी हैं उन्होंने इस मामले पर और प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ” देखिये नोटबंदी काफी बड़े लेवल पे हो रही है तो एक हज़ार करोड़ की रेंज से कम तो कोई आंकड़ा आया ही नहीं है हमारे सामने और इकोनॉमिक्स के हिसाब से तो ये 15000 करोड़ रूपये जो खोमचे वालो नें चाय नाश्ता बेच के कमाए हैं ये भी आखिरकार किसी न किसी बैंक में ही डिपाॅजिट होंगे। सारा पैसा घूम फिर के या तो ब्लैक रखने वालों की छतों पर धू धू जलाया जायेगा, या फिर बाँट बूंट के बैंकों में जमा करवाया जायेगा। लेकिन अच्छी बात ये है के कई खोमचे वालो नें अब डिजिटल वॉलेट और नेटबैंकिंग से पेमेंट लेना शुरू कर दिया है, और लाइनों में लगे लोगों को कोई गरमागरम चाय पिला दे और बोले के पेमेंट भी नोट से नहीं ऑनलाइन कर दो तो सोने पे सुहागा। पब्लिक पेल के पी रही है चाय और कैशलेस इकॉनमी की और ये एक बड़ा कदम है।”

दिल्ली की कनाट प्लेस इलाके के एक खोमचे वाले लड़के राजू ने बताया, “देखिये राजू नाम तो मैंने इस प्रोफेशन की वजह से रख लिया है अथवा मेरा नाम दरअसल राजीव धर्माधिकारी है। आज से दो महीने पहले मैं एक मल्टीनेशनल में सॉफ्टवेर इंजीनियर था। हफ्ते में सात दिन दस दस घंटे काम करता था तब जाके महीने के पैंतीस हज़ार मिलते थे। लेकिन अब में एक इंटरप्रेन्योर हूँ, और मेरा वेंचर है “डिजिटल चाय – आन द रॉक्स”। अब एक दिन में मैं पूरी दिल्ली के दो चक्कर लगा लेता हूँ। हर एटीएम पे एक घंटे में करीब दो सौ जन आते जाते हैं या खड़े रहते हैं। उनमे से एक घंटे में पचास चाय तो बिक ही जाती है। दस घंटे में पांच सौ कप। बारह रूपये की चाय के हिसाब से एक दिन के छह हज़ार और एक हफ्ते के छत्तीस से चालीस हज़ार, सिर्फ चाय का, अभी ब्रेडपकोड़े, बिस्किट और पाओ भाजी का तो मैंने जोड़ा नहीं है। यानी जितना सॉफ्टवेर इंजीनियर बनके एक महीने में कमाता था उससे ज़्यादा यहाँ एक हफ्ते में उतनी कमाई है। इतना ही नहीं मैं डिजिटल वॉलेट से पेमेंट लेता हूँ QR कोड लगा के, लोग खुशी खुशी दे देते हैं पैसा।”



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