Thursday, 14th December, 2017

चलते चलते

उत्तर भारत में स्मॉग की वजह से बिना दूल्हे के पहुंची बारात

18, Nov 2017 By Lalit Gupta

दिल्ली. रोचक घटना के तहत पंजाब के सीमावर्ती इलाके में एक बारात बिना दूल्हे की ही पहुंच गयी। जब हमारे संवाददाता ने इस घटना की पुष्टि के लिए बारातियों से पूछा तो उन्हें बारातियों ने बताया कि दूल्हे करीब चार दिन पहले उत्तर प्रदेश के एक सीमावर्ती इलाके से चला तो था पर भारतीय रेलवे की असीम कृपा से अभी २ दिन बाद पहुंचने की उम्मीद कर रहा है। तो फिर आप लोग बिना दूल्हे के क्या करने वाले है, बारातियों में से नागिन डांस के प्रेमियों ने एक साथ जोर से चिल्लाते हुए कहा “हवन करेंगे हवन करेंगे”।

baraatफिर क्या था बारातियों ने अचानक चल छैय्याँ छैय्याँ गाने पे वहीँ पे डांस स्टार्ट कर दिया। बारातियों ने करीब ३ घंटे पानी पी पी के ऐसा डांस किया कि वधु पक्ष वालों को नगरपालिका से एक नया टैंकर मंगवाना पड़ा। जब कुछ टेक्नोक्रैट्स ने वधु पक्ष को डिजिटल इंडिया का उपयोग करते हुए दूल्हे के त्रिविमिये आभासी चित्र से शादी का काम आगे बढाने का प्रस्ताव दिया, तो दुल्हन की माता जी जिनका मोबाइल आधार कार्ड से लिंक न होने की वजह से बंद हो गया था, डिजिटल इंडिया को कोसते हुए प्रस्ताव को सिरे से ख़ारिज़ कर दिया।

बाराती पास ही जा रही एक दूसरी बारात जिसमे लोग “डी जे वाले बाबू गाना बजा दे” वाले गाने पी भी डांस नहीं कर पा रहे थे, उस बारात के दूल्हे के पापा ने बारातियों को अपनी बारात में डांस का ऑफर दिया जिसे बारातियों ने बिना ऑफर लेटर के ही स्वीकार कर लिया और करीब ४ घंटे तक नॉन स्टॉप डांस कर दूसरे बारात की इज़्ज़त बचा ली।जब हमारे संवाददाता ने दूसरे बारात के पापा से बात की तो उन्होंने अपने आशु पोछते हुए कहा “भला हो उस दूल्हे का जिसकी ट्रैन लेट हुई इन बारातियों ने हमारी बारात में रौनक ला दी। हमारी बारात, बारात कम मातम लग रही थी पर इन बारातियों ने इसे यादगार बना दिया।” बारातियों के इस प्रदर्शन से गद गद बारातियों के एक मुखिया ने एक नया स्टार्ट अप खोलने का एलान करते हुए कहा “हम अब मनहूस बारातो में डांस करने का कॉन्ट्रैक्ट लेने की सोच रहे है ।हम अपने स्टार्ट अप का नाम “अखिल भारतीय नागिन डांस युवा मोर्चा” रखेंगे। अपने मुखिया के इस एलान से खुश बारातियों ने वही खड़े जनरेटर की आवाज़ पे फिर १ घंटे डांस किया।

इसी बीच कुछ बाराती जो भारत के अलग अलग राज्यों से इस उम्मीद में आये थे की जब दूल्हे की सालियाँ आएगी तो वो “हंस मत पगली प्यार हो जायेगा” गाने पे माइकल जैक्सन की तरह डांस करके उन्हें रिझा लेंगे, वो अभी भी “सदमा” मूवी की श्रीदेवी की तरह धुंए की चादर ओढ़े कोने में बैठे है । और जब भी होश में आते है तो “आखिर दूल्हा कब आएगा” कहते हुए बिलख पड़ते है। हमारे सम्वंददाता ने उत्तरी रेलवे के डी जी एम् से इस बारे में बारात की तो उन्होंने कहा “हम दूल्हे को भारतीय रेलवे का रोल मॉडल बनाने की सोच रहे है ।बन्दे का भारतीए रेलवे से छत्तीश का आकड़ा होते हुए भी उन्होंने भारतीय रेलवे को अपनी बारात ले जाने का मौका दिया।ये हमारी तरफ से उन्हें पेशेंस सिखाने और फ़्रस्ट्रेशन से निपटने के लिए सोची समझी चाल के तहत किया गया था।देखिये शादी के बाद अगर पत्नी ने खाना नहीं बनाया या बोली आज मूड नहीं है उस समय पति को पेशेंस और फ़्रस्ट्रेशन का सामना करना पड़ता है ।”

यह कहते हुए वो पान खाने निकल लिए।हमारे संवाददाता दुल्हन से मिलने गए जो कि मुस्कुरा रही थी, यह समझने के लिए कि ये ख़ुशी की हंसी थी या गुस्से की ? उनसे पूछा की इंतज़ार करते हुए कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा मार मेकअप बॉक्स मुँह तोड़ दूँगी ! हमारे संवाददाता वहाँ से किसी तरह जान बचा के भागे ! इसीबीच छठे दिन दूल्हे और बारातियों का आगमन हुआ। हमने दूल्हे से बात करने की कोशिश की पर वो अभी तो जाने दे कहते हुए निकल लिए। तभी हमने बारातियों की बस से उतरते के ८० साल के बुजुर्ग से बात की और पूछा की कैसा लग रहा है तो उन्होंने जवाब दिया “रेलवे ने हमारे यहाँ के लड़के की बारात इतनी लेट की, हम संसद हिला देंगे पर अभी हटो बहुत तेज़ टट्टी लगा है ।”



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