Monday, 18th December, 2017

चलते चलते

'एटीएम रिकैलिब्रेशन' बोल-बोल कर युवक ने जमाया रौब, लड़कियाँ हुई जबर फ़ैन

18, Nov 2016 By bapuji

इलाहाबाद. आजकल मोदी सरकार के नोट-बंदी के फ़ैसले के बाद से देश भर की जनता प्रभावित हुई है। जहाँ अमीर लोग अपना काला धन बर्बाद हो जाने से परेशान हैं वहीं ज़्यादातर ग़रीब कैश की कमी की वजह से परेशान है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ ऐसे लोग भी है जिन्होनें इस फ़ैसले का पूरी तरह स्वागत किया है और इसका लाभ भी उठाया है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के बद्री शंकर पांडे भी उन चन्द लोगो में से एक हैं।

इस माॅडर्न शब्द से धौंस जमाता बद्री
इस माॅडर्न शब्द से धौंस जमाता बद्री

बद्री शंकर के दोस्तों से पता चला कि वो बचपन से ही अँग्रेज़ी के ज्ञान में थोड़े से ढीले रहे हैं। प्रेज़ेंट, पास्ट और फ्यूचर टेन्स का ज्ञान होने के बावजूद वो अक्सर अपने अटपटे-उच्चारण की वजह से मात खा जाते हैं और इसी वजह से उनकी कोई मॉडर्न महिला मित्र नहीं है। लेकिन लगता है कि 2016 मे मोदी सरकार की वजह से बद्री के भाग्य खुल गये। कुछ दिन पहले ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शब्द का उच्चारण सीख कर बद्री ने हर जगह इसे बोल-बोल कर सबको दिखा दिया कि वो भी क्लासिकल अँग्रेज़ी में किसी से कम नही है और नोट-बंदी के बाद आए नये शब्द ‘एटीएम रिकैलिब्रेशन’ को सीखने के बाद तो बद्री ने कोहराम मचा दिया। क्लास, लाइब्रेरी और कैंटीन मे उन्होने इतनी बार इस शब्द का प्रयोग किया कि यूनिवर्सिटी की ए.टी.एम. मशीन अपने आप 2000 के नोट देने लगी और लड़कियों ने भी उनके इस ज्ञान को काफ़ी पसंद किया है और कुछ सूत्रो की माने तो बद्री को तीन लव-लेटर भी प्राप्त हुए है।

फेकिंग न्यूज़ के संवाददाता से बातचीत करते हुए बद्री ने मुस्कुराते हुए कहा-“सरकार का ये कदम सराहनीय है ‘एटीएम रिकैलिब्रेशन’ बहुत अच्छा कदम है और इसका हमे ज़रूर फ़ायदा होगा। ‘एटीएम का रिकैलिब्रेशन देश हित मे है और  एटी…..” अपनी बात पूरी करने से पहले ही बद्री को एंजेल प्रिया ने काफ़ी पीने के लिए बुला लिया। बद्री के जलवे देखकर अब सभी छात्र ‘एटीएम रिकैलिब्रेशन’ बोलना सीख रहे है। एक और विद्यार्थी रणविजय सिंह से इस बारे मे पूछा गया तो उन्होनें गुस्से मे कहा कि “क्यो ना सीखें बे! अँग्रेज़ी किसी के बाप की है क्या?”



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