Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

अर्नब गोस्वामी पाँच सेकंड रहा शांत तो आदमी ले गया TV ठीक करवाने

05, Feb 2018 By Guest Patrakar

दिल्ली. आज के आधुनिक और भागदौड़ वाले युग में इलेक्ट्रॉनिक सामान ख़राब होना आम बात है। कभी आपका म्यूज़िक प्लेअर तो कभी आपका फ़ोन, रोज़ कोई ना कोई चीज़ ख़राब होती ही रहती है। लेकिन दिल्ली के शक्स के TV में ऐसी ख़राबी आयी जो शायद किसी ने पहले सुनी या देखी नहीं होगी। दिल्ली के प्रमोद कुमार ने तब सैमसंग कस्टमर सेंटर का दरवाज़ा खटखटाया जब उनके टीवी में अर्नब गोस्वामी पाँच सेकंड से ज़्यादा चुप रहे।

दर्शक को चुप कराते अर्नब
दर्शक को चुप कराते अर्नब

घटना दिल्ली के पंजाबी बाघ की है। जहाँ प्रमोद शाम को अपने टीवी पर रेपब्लिक टीवी पर बजट 2018 की डिबेट देख रहे थे। जब अचानक उन्होंने ध्यान दिया कि उस डिबेट में अर्नब गोस्वामी आठ सेकंड तक चुप है। और अपने टीवी में ख़राबी समझ कर वह सैमसंग के कस्टमर सेंटर में चले गए। हमने प्रमोद से बात की और घटना की पूर्ण जानकारी ली। उन्होंने कहा “मैं रेपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी का फ़ैन हूँ। अक्सर अर्नब को बहस करते देखता हूँ। बजट वाले दिन भी मैं दफ़्तर से आने के बाद उनकी डिबेट देख रहा था। लेकिन उस दिन इतने सालों में पहली बार अर्नब ख़ुद आठ सेकंड तक चुप रहे है जबकि दूसरे उन पर बरसे जा रहे थे। मुझे समझ आ गया कि मेरा टीवी ख़राब हो गया है। क्यूँ औसतन ऐसा देखा नहीं गया कि अर्नब किसी को भी अपने शो में चार सेकंड से ज़्यादा बोलने दे। मैं सर्विस सेंटर में गया और उन्हें अपनी परेशानी बतायी। उन्होंने कहा ऐसा केवल टीवी में ही नहीं बल्कि बहुत लोगों के टीवी में हुआ है। तब जा कर मेरे समझ में आया कि अर्नब उस दिन वाक़ई आठ सेकंड तक चुप बैठे थे। और फिर मैं घर लौट आया।”

हमने सैमसंग कस्टमर सेंटर के प्रतिनिधि सतीश (जिन्होंने प्रमोद का टीवी देखा था) से भी बात की। उनका कहना था “ऐसे उस दिन कई लोग हमारे यहाँ आए थे। उनका कहना था कि टीवी ख़राब हो गया है इसमें अर्नब बोल ही नहीं रहा है। मेरे लाख समझाने पर भी वह लोग टीवी ख़राब पर ही अटके रहे। पहले तो मुझे भी लगा कि जो इंसान एक घंटे की डिबेट 59 मिनट और 45 सेकंड ख़ुद बोलता है वह आज आठ सेकंड तक चुप कैसे बैठा है। मगर फिर मेरे समझ में आ गया कि मसला सरकार के बजट का है। ऐसे में अर्नब ने चुप रहना ही मुनासिब समझा।”

सतीश ने यह भी बताया ऐसा कई बार पहले भी हो चुका है। एक बार तो एक शख़्स इसलिए अपना टीवी ले कर आ गया था क्यूँ कि उसके टीवी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भाषण दे रहे थे।

कई बार तो हम भी टीवी चेक कराने चले जाते है जब न्यूज़ वाले मृतक का धर्म या जात नहीं बताते। प्रमोद फ़िल्हाल घर पर है और उन्होंने मान लिया है कि अर्नब गोस्वामी भी चुप बैठ सकता है। लेकिन यह घटना भारत के न्यूज़ रूम की तस्वीर दिखाती है। जहाँ कई लोगों को बहस के लिए बुलाया जाता है मगर बोलता केवल एक ही आदमी है। ना जाने यह प्रथा कब ख़त्म होगी।



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