Thursday, 14th December, 2017

चलते चलते

फ़ोन में बची थी 10% बैटरी फिर भी लगा दिया चार्ज पर, फ़ोन हुआ ख़राब

06, Dec 2017 By banneditqueen

मुंबई. जल्दी चार्ज होने वाली बैटरी आ गयी, जल्दी चार्ज करने वाले चार्जर आ गए, तीन से चार बार फ़ोन चार्ज करने वाले पावर बैंक आ गए पर लोगों की बैटरी की भूख़ शाँत नहीं होती। यहाँ तक कि लोग अब वहीं सोना पसंद करते हैं, जहाँ पास में स्विचबोर्ड हो। इसी वर्ष एक युवक फ़ोन चार्ज करने के चक्कर में खड़े खड़े सो गया था। लेकिन लोगों को दिक्कत तब होती है, जब फ़ोन चार्ज करते वक्त आप उसका इस्तेमाल नहीं कर सकते, तब ऐसा महसूस होता है जैसे किसी ने आपसे कुछ समय के लिए साँस रोककर खड़े होने को बोल दिया हो।

इतनी बैटरी होने के बाद भी फ़ोन कैसे चार्ज पे लगाया जा सकता है
इतनी बैटरी होने के बाद भी फ़ोन कैसे चार्ज पे लगाया जा सकता है

बैटरी के चलते फ़ोन से जुदाई का गम बर्दाश्त न कर पाने वाले लोग बैटरी 1% होने या लो बैटरी फ़ोन स्विचिंग ऑफ का इंतज़ार करते हैं। पर थाने में रहने वाले शशांक ने कल जब फ़ोन में 10 प्रतिशत बैटरी होने के बाद भी फ़ोन चार्ज में लगा दिया तो कुछ ऐसा हुए जिसकी उसे उम्मीद नहीं थी। शशांक ने जैसे ही फ़ोन चार्ज पर लगाया वैसे ही उसका फ़ोन बंद हो गया। शशांक ने सोचा कि ”शायद बैटरी पूरी ख़तम हो गयी होगी, पांच मिनट रुक कर फ़ोन स्विच ऑन करूँगा।” पांच मिनट होने के बाद भी शशांक का फ़ोन ऑन नहीं हुआ।

शशांक ने फिर अपने दोस्त से उसका चार्जर माँगा, दूसरे चार्जर से भी शशांक का फ़ोन चालू नहीं हुआ। इस पर शशांक के दोस्त ने उससे पूछा कि क्या हुआ फ़ोन को तो शशांक ने बताया कि जब चार्ज पर लगाया था तब 10% बैटरी थी। इतना सुनते ही शशांक का दोस्त हंसने लगा और बोला ”दस पर्सेंट बैटरी होने के बाद भी कोई फ़ोन चार्ज में लगता है क्या? दिमाग तो ख़राब नहीं हो गया तेरा। दस पर्सेंट बैटरी मतलब कम से कम बीस-तीस मिनट और फ़ोन इस्तेमाल कर सकते हैं। इतनी जल्दी कौन चार्ज में लगता है ? जब बैटरी एक दम ख़तम होने की कगार पे हो तब ही चार्ज में लगाना चाहिए। शायद इसलिये तेरा फ़ोन ख़राब हो गया।”



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