Sunday, 20th August, 2017

चलते चलते

'जो लोग खाट लेकर गये हैं, उन्हें कांग्रेस को ही वोट देना पड़ेगा', यह सुनते ही खाट लौटाने निकले लोग

08, Sep 2016 By बगुला भगत

देवरिया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा है कि जो लोग कल ‘खाट पे चर्चा’ के बाद हमारी खाट उठाकर घर ले गये हैं, उन सबको अब हमें वोट देना पड़ेगा। उनका यह बयान सुनते ही लोग खाट वापस करने के लिये अपने घरों से निकल पड़े। दिन भर कांग्रेस के ज़िला मुख्यालय पर खाट लौटाने वाले लोगों का तांता लगा रहा। लोगों में जितनी मारामारी खाट ले जाते समय हुई थी, लौटाने के लिये उससे भी ज़्यादा मारामरी मची हुई है।

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कांग्रेस मुख्यालय पर खाट लौटाने वालों की भीड़

राज बब्बर ने लोगों को डराने के लिये यह भी कह दिया कि “जो लोग खाट ले गये हैं, उनके चेहरे वीडियो में साफ़ नज़र आ रहे हैं। कोई ये ना समझे कि वो हमें वोट नहीं देगा और हमारी खाट पे मज़े से सोयेगा।” इसके बाद बब्बर ने आलाकमान को सुझाव दिया कि “अब आगे हमें खाट के बजाय ‘बोरी पे चर्चा’ करनी चाहिये। ताकि अगर लोग बोरी साथ ले भी जाने लगें तो हमें ज़्यादा महंगा ना पड़े।”

उधर, बब्बर के इस बयान के बाद पार्टी के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गये हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि “बब्बर को यह कहने की क्या ज़रूरत थी कि उन्हें हमें वोट भी देना पड़ेगा। जो दस-बीस लोग खाट के चक्कर में आ रहे थे, अब वे भी नहीं आयेंगे।”

“बब्बर ने यह बयान जानबूझकर शीला दीक्षित को हरवाने के लिये दिया है। वो शीला जी के सीएम कैंडीडेट बनने से ख़ुश नहीं हैं।” -नेताजी ने कहा।

‘खाट पे चर्चा’ का आइडिया देने वाले प्रशांत भूषण भी इस घटनाक्रम से ख़ुश नहीं हैं। उनका मानना है कि “चुनाव जीतने के लिये खाट का खर्चा तो उठाना ही पड़ेगा। और ये खाट की क़ुर्बानी बेकार नहीं जायेगी। खाट ले जाने वाला जब भी उस पे करवट बदलेगा, तो हर बार उसे कांग्रेस की याद आयेगी। हमें तो बस इतना ध्यान रखना है कि पब्लिक राहुल जी के भाषण के बीच में ही खाट उठाकर ना चलने लगे। बस!”



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