Sunday, 25th February, 2018

चलते चलते

पकौड़ा बेचने में हुआ ज़बरदस्त मुनाफ़ा, नेतागीरी छोड़ पकौड़े का धंधा शुरु किया नेताजी ने

12, Feb 2018 By बगुला भगत

इटावा. समाजवादी पार्टी के नेता सुखचैन यादव (यादौ जी) गये तो थे सिर्फ़ दिखावे के तौर पर पकौड़े बेचने, लेकिन उसमें उन्हें इतना मुनाफ़ा हुआ कि पॉलिटिक्स छोड़कर पकौड़े का धंधा ही शुरु कर दिया। पिछले दो दिनों से उनके स्टॉल पर कस्टमर्स की भीड़ लगी हुई है और वो दनादन नोट छाप रहे हैं।

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पकौड़े बेचते यादौ जी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यादौ जी दो दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी के ‘पकौड़ा-बयान’ के विरोध में पकौड़े बेचने निकले थे, साथ में चेले-चपाटे भी थे। उन्होंने स्टॉल लगाकर पकौड़े तलना शुरु ही किया था कि वहाँ खानेवालों की भीड़ लग गयी।

देखते ही देखते यादौ जी के सारे पकौड़े बिक गये, उन्होंने दोबारा बेसन घोला, वो भी ख़त्म हो गया। नौबत ये आयी कि उन्हें एक बोरी बेसन और मंगाना पड़ गया। कस्टमर बढ़ते देख, उन्होंने फ़ोन करके अपने बीवी-बच्चों को भी काम में हाथ बँटाने के लिए बुला लिया।

यादौ जी का कहना है कि उन्हें पब्लिक का चू@#& बनाने का कई साल का एक्सपीरिएंस है, जो उन्हें पकौड़ा बनाने में काम आ रहा है।

पकौड़ों से हो रही कमाई को देखकर यादौ जी की धर्मपत्नी सुमित्रा देवी भी फूली नहीं समा रही हैं। “भला हो पिरधानमंतरी जी का, जो टिल्लू के पापा को पकौड़े बेचने का आइडिया दे दिया। उस नेतागीरी के धंधे में तो नुकसान ही नुकसान हो रहा था।” -उन्होंने कड़ाही में बेसन घोलते हुए कहा। इसी बीच, टिल्लू ‘यादव जी पकौड़ा कॉर्नर’ का नया बोर्ड बनवा कर ले आया।

उधर, यादौ जी की देखा-देखी अब दूसरे नेता भी फ़ुलटाइम पकौड़े की जॉब करने की सोच रहे हैं। वैसे, यादौ जी उन्हें 10% पर फ्रेंचाइजी का ऑफ़र दे रहे हैं। यहाँ भी उन्हें कमीशन खाने का पुराना एक्सपीरिएंस काम आ रहा है।



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