Wednesday, 23rd August, 2017

चलते चलते

यूपी में पान वाले और ऑटो ड्राइवर हुए एकजुट, "इलेक्शन में कौन जीतेगा?" पूछने पर वसूलेंगे पैसा

27, Dec 2016 By Ritesh Sinha

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही पान ठेले वालों और ऑटो ड्राईवरों पर काम का बोझ बढ़ने लगा है, क्योंकि अब पान वाले को पान बनाने से ज्यादा “कौन जीतेगा?” जैसे सवालों के जवाब देने पड़ रहे हैं। ऑटो ड्राइवर भी अब हर रोज़ “कौन जीतेगा?” जैसे भारी भरकम सवालों की चपेट में आने लगे हैं। ऑटो में बैठने वाली सवारी भले ही अपना बैग ऑटो में भूल जाये लेकिन ये सवाल करना नहीं भूलती कि- “क्या लग रहा है, कौन जीतेगा?”

Paagal-Paan-Bhandar
चुनावी चर्चा का एक महत्वपूर्ण ठिकाना

इन्हीं सब सवालों से तंग आकर यूपी के सभी ऑटो वाले और पान वाले एकजुट हो गए हैं। अब उन्होंने अपना ओपिनियन देने के बदले पैसा वसूलने का निर्णय लिया है। अब जो भी उनसे चुनाव के बारे में सवाल करेगा उसे हर सवाल के बीस रुपए चुकाने पड़ेंगे, तभी वे “यूपी के माहौल” की ‘अंदर की जानकारी’ देंगे।

लखनऊ के एक मशहूर पानवाले रामरतन चौरसिया ने बताया कि “का बताएँ साब! जिसे देखो वो ही हमसे यूपी का माहौल के बारे में पूछ रहा है। अरे हम का बताएँ यूपी का माहौल, ससुरा मौसम विभाग से पूछो ना! खैर! हमने 20 रुपैया वाला पोस्टर चिपका दिया है। पहले पैसा पटाओ तभी हम बताएँगे कि हाथी आएगा, सायकल चलेगा कि कमल खिलेगा।“ कहते हुए यादव जी कत्था रगड़ने लगे।

वहीं, लखनऊ में बीस साल से ऑटो चला रहे जगतू यादव ने बताया- “हम तो इन ओपिनियन पोल वालों से परेसान हैं साब! ना रेड देखते हैं ना ग्रीन, सीधे माइक टिका देते हैं और पूछते हैं- “कौन जीतेगा बताओ?” कई न्यूज़ चैनल वाले तो अंग्रेजी में सवाल ठेल देते हैं। मुझे कुछ समझ नहीं आता। जिसे देखो वो हमसे हमारा ओपिनियन मांग रहा है। हमारा ओपिनियन क्या फ्री में आता है?“

यादव जी ने स्पष्ट किया कि अंग्रेजी में ओपिनियन पूछने वालों को सौ रुपए का लक्ज़री टैक्स अलग से देना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय के बाद कई पान वाले दो महीने में ही विदेश में घर खरीद सकते हैं। साथ ही कई ऑटो वालों को दो महीने बाद मर्सिडीज के शो रूम में टहलते हुए देखा जा सकता है।



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