Sunday, 22nd April, 2018

चलते चलते

थर्ड फ्रंट के नेताओं ने 'एक-दूसरे को धोखा नहीं देंगे' वाले पेपर पे साइन करने से इनकार किया, ममता दीदी हुईं निराश

28, Mar 2018 By Ritesh Sinha

कोलकाता. 2019 का चुनाव लड़ने के लिए ममता बैनर्जी तीसरे मोर्चे के लिए पूरा ज़ोर लगा रही हैं, ताकि गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेसी विकल्प के रूप में वोट हासिल किया जा सके। इसी सिलसिले में कल उन्होंने मुंबई और लखनऊ का धुआँधार दौरा किया और थर्ड-फ्रंट के नेताओं से मुलाकात भी कर ली। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि थर्ड-फ्रंट के सभी नेताओं ने ‘एक दूसरे को धोखा नही देंगे!’ वाले पेज पर साइन करने से इनकार कर दिया। नतीजा यह हुआ कि शाम को ‘दीदी’ को खाली हाथ ही कोलकाता लौटना पड़ा।

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“कैसे साइन कराऊँ…कैसे साइन कराऊँ!”

सबसे पहले वो चंद्रबाबू नायडू से मिलने हैदराबाद पहुँचीं। चंद्रबाबू ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया। “क्यों नायडू जी! तीसरा मोर्चा बनाना है कि नहीं?” -ममता ने चॉय सिप करते हुए पूछा। “बिल्कुल बनाना है! आपने तो मेरे मुंह की बात छीन ली!” -चन्द्रबाबू ने जवाब दिया। “तो फिर इस पेपर पर साइन कर दीजिए!”

“क्या लिखा है इसमें?” चंद्रबाबू ने पूछा। “इसमें लिखा है कि हम एक दूसरे को धोखा नहीं देंगे!” -कहते हुए ममता दी ने एक पेज आगे बढ़ा दिया। इसके बाद तो नायडू जी का चेहरा देखने लायक था। “आप लंच करके ही वापस जाना! ठीक है!”-कहते हुए उन्होंने वो पेपर वापस ‘दीदी’ को थमा दिया।

आन्ध्रप्रदेश से खाली हाथ वो लखनऊ चली आईं और सीधे मायावती के पास जा पहुँचीं। बहन जी तो वह कागज़ देखते ही आग बबूला हो उठीं। “जाइए, पहले उस ‘टीपू’ का साइन लेकर आइए, जिसने मेरे कैंडिडेट को राज्यसभा में हरवा दिया! मैं तब साइन करुँगी!” -मायावती ने अपना महंगा पर्स संभालते हुए कहा। बहन जी के तेवर देखकर दीदी ने अपना ‘शपथ-पत्र’ उठाया और सीधा टीपू के पास पहुँच गईं। टीपू ने भी उन कागजों पर साइन करने से इनकार कर दिया।

इसके बाद दीदी मुंबई के लिए रवाना हो गईं, जहाँ उन्होंने शिवसेना के संजय राउत से मुलाक़ात की। संजय राउत ने पेपर अपने हाथ में लिया और बोले- “हम ऐसा नहीं कर सकते! हमारी नीयत कब डोल जाए ये तो हमें भी पता नहीं होता! फिर हम इस पेज पर साइन कैसे कर सकते हैं?”

इसके बाद, सुप्रिया सुले और नवीन पटनायक ने भी उन्हें कुछ ऐसा ही जवाब दिया। थक-हारकर शाम को वो वापस कोलकाता लौट आईं। “सब के सब निकम्मे हैं! खैर, कुछ दिन बाद फिर से कोशिश करुँगी!” -रात को सोते समय ममता दी बड़बड़ा रही थीं।



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