Saturday, 25th March, 2017
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मुलायम और अखिलेश के झगड़े का फ़ैसला अब कुश्ती के अखाड़े में होगाः चुनाव आयोग

05, Jan 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली/लखनऊ. समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल किसके पास रहेगा और पार्टी का अध्यक्ष कौन रहेगा, इसका फ़ैसला अब कुश्ती के अखाड़े में होगा। जब दोनों बाप-बेटे के बीच सुलह के सारे रास्ते बंद हो गये तो चुनाव आयोग को मजबूरी में कुश्ती लड़ाने का फ़ैसला लेना पड़ा।

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मुलायम को अखाड़े में जाने से रोकते अखिलेश

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने इस रोमांचक मुक़ाबले का एलान करते हुए कहा कि “बाप-बेटे दोनों में से कोई भी झुकने को तैयार नहीं है और दोनों ही पार्टी का असली अध्यक्ष होने का दावा कर रहे हैं, इसलिये हमारे पास और कोई ऑप्शन ही नहीं बचा! जो भी ये मैच जीतेगा, साइकिल उसी को मिलेगी और पार्टी का अध्यक्ष भी वही बनेगा।”

“चूंकि मुलायम ज़मीन से जुड़े नेता हैं और उन्होंने अपनी सारी पहलवानी मिट्टी में ही की है, इसलिये वो मिट्टी में लड़ने की ज़िद कर रहे हैं, जबकि अखिलेश की मांग है कि मैच मैट पर कराया जाये। हमने दोनों की बात मान ली है और मैट पर मिट्टी डलवा दी है।” -श्री ज़ैदी ने मैच वेन्यू के फ़ोटो दिखाते हुए कहा।

चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि मुलायम ने तो इस कुश्ती के लिये तुरंत हामी भर दी लेकिन अखिलेश काफ़ी ना-नुकुर के बाद राज़ी हुए। इस मैच में मुलायम के जीतने के चांस ज़्यादा बताये जा रहे हैं क्योंकि वो पहले भी पहलवानी कर चुके हैं, जबकि अखिलश ने आज तक कभी अखाड़े का मुंह भी नहीं देखा। महावीर सिंह फोगाट ने तो अपनी बेटियों को कुश्ती के सारे दांव-पेंच सिखा दिये थे, जबकि मुलायम ने अखिलेश को एक भी दांव नहीं सिखाया। यही चालाकी आज उनके काम आ रही है।

“और मुलायम सिंह जी मौक़े की नज़ाकत को देखकर कैसी भी पलटी मारने में एक्सपर्ट हैं, इसलिये भी उनके चांस ज़्यादा है।” -सूत्र ने आंख मारते हुए कहा।

इस बीच, दोनों पक्षों ने मुक़ाबले के लिये अपनी-अपनी तैयारियां शुरु कर दी हैं। कोई भी पक्ष मैच जीतने के लिये कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता। जहां अखिलेश गुट मैच के समय शिवपाल यादव को कमरे में बंद करने की योजना बना रहा है तो वहीं मुलायम गुट रामगोपाल को बंद करने की साज़िश रच रहा है ताकि वो मैच के दौरान महावीर फोगाट की तरह अखिलेश को दांव ना बता सकें।



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