Friday, 24th March, 2017
चलते चलते

"कांग्रेसियों को जीतना नहीं तो कम से कम अँग्रेज़ी बोलना तो सिखा ही दूंगा"- सिद्धू

22, Jan 2017 By Anit Saxena

अमृतसर. काफ़ी ज़्यादा स्विंग होने के बाद सिद्धू आख़िरकार कॉंग्रेस के बल्ले से टकरा ही गये और साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में थ्रो करके चाटने लेने वाले ही टिके रह सकते हैं। बहुत पुरानी बात नहीं है जब सिद्धू अपने मुहावरों से कांग्रेसियों की पतलून उतार दिया करते थे लेकिन अब शायद उन्हें वही पतलूनें धोनी पड़ें। इसी वजह से लोग हैरान हैं कि सिद्धू ने कांग्रेस ज्वॉइन करने का फ़ैसला किस मानसिक हालत में लिया।

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कांग्रेसियों को इंग्लिश सिखाते सिद्धू पाजी

उधर सिद्धू हैं कि पूरे जोश में नज़र आ रहे हैं। उनके क़रीबी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस में आने का उनका मकसद कुछ और ही है। अगर वो कांग्रेस को जीतना नहीं सिखा पाये तो कम से कम उन्हें अंग्रेज़ी बोलना तो सिखा ही देंगे। इसलिये वो जहां-जहां भी रैलियों में जा रहे हैं, अपनी इंग्लिश मैजिक मशीन साथ ले जा रहे हैं। भाषण ख़त्म होते ही वो अपनी मशीन बेचना शुरु कर देते हैं।

कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेताओं द्वारा अपना मज़ाक उड़ाने पर चुटकी लेते हुए सिद्धू पाजी बोले- “ओये गुरु, छीनता नही किसी से सरदार अपना नसीब खुद बनाता है, भूखा कभी नही मरता वो बंदा जो अँग्रेज़ी की ट्यूशन पढ़ाता है, ओये ठोको, खटाक़!”

चार-पांच बार ताली ठोंकने के बाद उन्होंने कहा- “कॉंग्रेस इस बात को अपना नसीब माने कि मेरी सेटिंग खाँसी-पुरुष से नही हो पाई और मजबूरी में मुझे कॉंग्रेस के साथ ओपनिंग पार्टनरशिप करनी पड़ी। वरना आज कांग्रेसियों के बच्चों की जगह आपियों के बच्चे अँग्रेज़ी की ट्यूशन पढ़ रहे होते”

फिर अचानक ज़ोर-ज़ोर से ठहाके लगाने के बाद एक बार फिर बोले “ओये गुरु, सिर झुका कर जिया नही करते, बिना शक्कर की चाय पिया नही करते….अमरिंदर भी जानता है सिद्धू शहंशाह है, शहंशाह एहसान करते हैं, लिया नही करते…खटाक़!”

इसके आगे यमला जट्ट कुछ बोल पाता उसके पहले ही रसोई से श्रीमति सिद्धू के चिल्लाने की आवाज़ आयी- “सरदार जी नेतागिरी चलानी है या ज़बान? अपने साथ-साथ मुझे भी पार्टी से निकलवाओगे क्या? बड़ी मुश्किल से किसी पार्टी में ठिकाना मिला है, रब्ब के वास्ते चुप करी वरना बेलन मेरे हाथ में ही है!”



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