Tuesday, 25th July, 2017
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जिस दलित के घर अमित शाह ने लंच किया था, उसने भी की ख़ुद को राष्ट्रपति बनाने की माँग

20, Jun 2017 By बगुला भगत

वाराणसी. जिस दलित के घर पिछले साल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने लंच किया था, अब उसने भी ख़ुद को राष्ट्रपति बनाने की माँग कर दी है। जोगियापुर गाँव के दलित गिरिजा प्रसाद बिंद, राष्ट्रपति पद के लिये रामनाथ कोविंद के नाम का एलान सुनकर नाराज़ हो गये हैं और शाह जी से मिलने के लिये अपने गांव से दिल्ली के लिये रवाना हो चुके हैं।

Shah ji Dalit Lunch
गिरिजा प्रसाद ने शाह जी के लंच का यह फ़ोटो भी दिखाया

दिल्ली की बस पकड़ने से पहले गिरिजा प्रसाद ने फ़ेकिंग न्यूज़ से ख़ास बातचीत की। उन्होंने लंच वाले दिन को याद करते हुए कहा, “शाह जी के साथ और भी बहुत सारे लोग खाने आ गये थे। फिर भी हमने उधार-पानी करके किसी तरह उन सबको अपनी हैसियत से बढ़ के खाना खिलाया।”

“लंच के बाद जब शाह जी विदा होने लगे तो दरवज्जे पे हमारा हाथ पकड़ लिया और उसे दबाते हुए बोले कि ‘गिरजा, तुम्हारे इस लंच का अहसान हम कैसे उतारेंगे!’ तो हम बोले कि कहीं कोई जॉब-वॉब हो हमारे लायक तो दिला दीजियेगा, बेरोजगार आदमी हैं। आपकी बड़ी मेहरबानी होगी साब!” -माथे का पसीना पोंछते हुए उन्होंने कहा।

“तो शाह जी बोले कि फिकर मत करो! दिल्ली पहुंचते ही तुम्हारे लिये कुछ करेंगे! हम वेट करते रहे कि आज करेंगे, अब करेंगे, ऐसा करते-करते एक साल बीत गया। हमें अपना मोबाइल नंबर भी देकर गये थे वो। ये देखो!” -जेब से पर्ची निकालकर दिखाते हुए गिरिजा बोले।

“लेकिन ये नंबर कभी मिलता ही नहीं है! जब भी मिलाते हैं तो हमेशा यही आवाज आती है कि यह नंबर मौजूद नहीं है।” -कहकर उन्होंने पर्ची वापस जेब में रख ली।

“और अब हम सुन रहे हैं कि वे किसी कोविंद को रास्टपति बना रहे हैं। हममें क्या कमी थी, क्या हम कोविंद से कम दलित हैं क्या? क्या कोविंद ने हमसे भी अच्छा लंच कराया था क्या? चावल-दाल, लौकी का कोफ़्ता, कटहल और तोरई की सब्ज़ी, सलाद और मिठाई! क्या नहीं खिलाया हमने! ख़ुद कभी मिठाई नहीं देखी लेकिन उनके लिये उधार माँग के लाये..! -कहते कहते उनकी रुलाई छूट गयी और वो आँसू पोंछते हुए बस में सवार हो गये।



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