Sunday, 17th December, 2017

चलते चलते

नवजोत सिंह सिद्धू ने रीता बहुगुणा जोशी को लताड़ा, कहा- इतनी जल्दी डिसीजन लेने की क्या जरूरत थी?

21, Oct 2016 By Ritesh Sinha

अमृतसर/लखनऊ. जैसे ही सिद्धू को पता चला कि रीता बहुगुणा जोशी ने भाजपा का दामन थाम लिया है, वो गुस्से से आग बगुला हो गए। सिद्धू ने कहा- इतनी जल्दी निर्णय लेने की क्या जरूरत थी, कम से कम एक दो महीने सस्पेंस बनाकर रखती तो उसका क्या जाता! रीता बहुगुणा जोशी को मुझसे कुछ सीखना चाहिए।” सिद्धू ने आगे कहा कि- “ओए गुरु! रीता जी तो नेता ही नहीं हैं, नेता होता है मेरे जैसा। केजरीवाल से लेकर कांग्रेस तक सब मेरे दरवाजे का चक्कर लगाके चले गए, लेकिन मैंने आज तक किसी को पता नहीं चलने दिया कि मैं क्या करने वाला हूँ। इसे कहते हैं नेता। ये थोड़ी रीता बहुगुणा जोशी की तरह। चुपचाप पाला बदल लिया। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूँ।”

रीता बहुगुना पर आगबबूला होते सि्द्धू
रीता बहुगुना पर आगबबूला होते सि्द्धू

अब आए ही हो, तो इसी बात पर एक शेर सुनते जाओ- ” शेरनी का दूध केवल एक वीर ला पाता है, कपिल के शो में मुझ पर नशा छा जाता है, चाबुक सी लगती है मुझे केजरीवाल की बातें, और रीता को दल बदलने का हुनर नहीं आता है। ठोको ताली!” वहीँ कई राजनैतिक पंडितों का भी मानना है कि रीता को ‘दल’ बदलना नहीं आता है, उन्हें उन नेताओं से ट्रेनिंग ले लेनी चाहिए जो हर साल अपना घोसला बदलते रहते हैं।

इस बारे में जब रीता बहुगुणा जोशी से पूछा गया कि आप सिद्धू के इस बयान पर क्या कहना चाहेंगी? तो रीता ने कहा कि- “देखिए! अमित शाह जी ने मुझे फिलहाल सर्जिकल स्ट्राइक और खून की दलाली पर ही बोलने को कहा है। इसलिए मैं सिद्धू के बयान पर कुछ नहीं बोलूंगी।”

उधर, राज बब्बर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि- “रीता के जाने से कांग्रेस पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हमारे पास ऐसे नेताओं की कमी नहीं जो हार की जिम्मेदारी ले सकते हैं। इन्फैक्ट, मैंने तो अभी से हार की जिम्मेदारी लेने की तैयारी शुरू कर दी है।”



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