Tuesday, 25th July, 2017
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चुनाव में टिकट ना मिलने से दुखी नेता ने की देश में 'राष्ट्रपति प्रणाली' की मांग

23, Feb 2017 By Ritesh Sinha

मैनपुरी. सरजू यादव जी पिछले बीस सालों से शहर की सेवा करते आ रहे थे, ये सोचकर कि एक ना एक दिन तो टिकट मिलेगा और वो विधायक बनेंगे। हर बार की तरह इस बार के चुनाव में भी सरजू जी ने टिकट पाने के लिए ज़मीन-आसमान एक कर दिया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बड़े नेताओं के तलवे चाटे, उनकी रैलियों के लिये बसें भरवाईं, पोस्टर-बैनर टांगे, सड़कें जाम कीं। लेकिन सब बेकार!

leader crying for ticket2
टिकट के लिये जान भी दे देंगे नेताजी!

पार्टी ने टिकट दूसरी पार्टी से आये एक नेता को दे दिया और सरजू हाथ मलते रह गये। अब उनका लोकतंत्र से भरोसा ही उठ गया है। वे इतने दुखी हैं कि देश में चुनाव बंद करने की ही मांग कर दी है। उनका कहना है कि “ना देश में प्रधानमंत्री होना चाहिये, ना मुख्यमंत्री, ना राज्यपाल और ना एमएलए!” फेकिंग न्यूज़ से 5 घंटे लंबे इंटरव्यू (आजकल उनके पास टाइम ही टाइम है) में सरजू जी ने बताया कि “ये इलेक्सन-विलेक्सन सब बकवास है! इससे कोनो फायदा नहीं है। बंद करो ये सब चुनाव का पोरोग्राम!”

“हम तो कहते हैं, यहाँ भी अमरीका की तरह होना चाहिए सिर्फ एक ‘राट्टपति’, बाकी सब खतम! सब साले चोर हैं। और ये जो विधायक हैं ना, सबसे बड़े चोर यही हैं। इसलिये सबसे पहले इस विधायक के सिस्टम को ही खतम करो! हाँ!” -कहते हुए वो अपने गमछे से हवा करने लगे।

“लेकिन सुना है कि आप भी ‘सूटकेस’ लेकर टिकट गये थे लेकिन कोई आपसे भी बड़ा…?”, यह सुनते ही वो बीच में ही बोल पड़े- “अरे…नहीं…नहीं! वो तो पार्टी का फाइल और झंडा-बैनर वगैरह था उसमें, वही सब लौटाने गये थे।” -यह कहकर वो फ़ोन पर अपने ही जैसे किसी ‘टिकट-लेस’ नेता से टिकट पाने वाले नेता की मां-बहन के बारे में बात करने लगे।

वैसे, राष्ट्रपति प्रणाली की मांग करने वाले सरजू भैया अकेले नहीं हैं। प्रदेश में जिनको भी टिकट नहीं मिला है, वे सारे नेता ऐसी मांग कर रहे हैं। इस मुहिम का समर्थन कर रहे एक और छुटभैये नेता ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि “हम अगले हफ्ते जंतर-मंतर पे धरना देने जा रहे हैं। अगर उससे भी बात नहीं बनी तो हम डायरेक्ट ‘राट्टपति’ जी से मिलेंगे। पांच साल तक हम चुप नहीं बैठेंगे!”, “और उसके बाद?” यह पूछने पर वो बोले- “तब की तब देखी जायेगी। अभी क्या बतायें!”



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