Sunday, 22nd April, 2018

चलते चलते

"मैं तो फ़ेसबुक से डाटा चुराए बिना ही बता देता हूँ कि कौन जीतेगा!" -रामविलास पासवान

20, Mar 2018 By Ritesh Sinha

पटना. फ़ेसबुक पर अपने यूजर्स की प्राइवेसी से खिलवाड़ करने का आरोप लग रहा है। कंपनी पर आरोप है कि उसने लगभग पांच करोड़ यूजर्स के डेटा एक कंपनी ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ को बेच दिए। बाद में इस कंपनी ने अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की मदद की और उन्हें चुनाव में जीत दिला दी। कंपनी पर यह भी आरोप है कि उनका अगला निशाना भारत था।

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“हम तो ऐसे ही बता देता हूँ इलेक्शन कौन जीतेगा!”

इस बीच, रामविलास पासवान का एक महत्वपूर्ण बयान आया है, जो अकेले सौ ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ के बराबर हैं। उन्होंने दावा किया है कि “चुनाव में कौन जीतेगा इसके लिए फेसबुक से किसी का पर्सनल डाटा चुराने का क्या जरूरत है! हम तो माहौल देखकर ही बता देता हूँ कि इलेक्सन कौन जीतेगा! यकीन नहीं होता तो हमरा पिछला रिकॉर्ड उठा के देख लीजिए!”

उन्होंने उस कंपनी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “क्या नाम है कि, फेसबुक, कम्पूटर वगैरह हमरे समझ में नहीं आते! क्या नाम है कि ई जो कैम्ब्रिज वालों ने किया है ना, ई काम तो हम पिछले तीस साल से कर रहा हूँ! इसमें कौन सा बड़ा बात है? क्या नाम है कि इंडिया के लोग तो हमरे टैलेंट के बारे में जानते हैं, लेकिन हमरी चर्चा भल्ड लेभल पे कभी नहीं हुई, जैसा ई कैम्ब्रिज वालों की हो रही है!”

वो ऐसा कह ही रहे थे कि तभी उनके सुपुत्र चिराग भी वहाँ पर आ गए और फिर दोनों खुसर-फुसर करने लगे। राजनीति के दो-चार टिप्स लेने के बाद चिराग वहाँ से चलते बने। चिराग को विदा करने के बाद पासवान जी ने आगे बताया कि “ई डोनाल्ड ट्रम्पवा भी एकदम पप्पू निकला! क्या नाम है कि इस छोटे से काम के लिए इतना तामझाम करने का क्या जरूरत था, हमसे पूछ लेता! डाटा चुराने का भी जरूरत नहीं पड़ता! माहौल बनाना हो या माहौल पता लगाना हो, ई काम तो हम अकेले कर लेते हैं! फालतू में पैसा खर्चा कर दिया ट्रम्पवा ने!”

यह कहते-कहते अचानक वो उछल पड़े और बोले, “क्या नाम है कि हमें एक बिजनेस आइडिया आया है! हम भी ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ टाइप का एक कंपनी बनाऊँगा और पैसा लेकर इलेक्सन का माहौल बताऊँगा!” -कहते हुए उनका चेहरा खिल उठा।



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