Sunday, 22nd October, 2017

चलते चलते

पत्थरबाज़ युवकों से मिलने AIIMS पहुंचे राहुल, ग़लती से आर्मी-जवान के रूम में घुसे, क्षमा मांग तुरंत बाहर आये

30, Jul 2016 By Pagla Ghoda

नयी दिल्ली: कांग्रेस के प्राचीन युवा नेता श्री राहुल गाँधी गत शाम पौने आठ बजे पत्थरबाज़ कश्मीरी युवकों से मिलने AIIMS पहुंचे लेकिन वो गलती से आर्मी जवान की कमरे में घुस गए। आर्मी जवान की गंभीर हालत देख वो समझ गए कि इतना घायल कोई पेलेट गन से नहीं, केवल पत्थरबाज़ी से ही हो सकता है। इसलिए उन्होंने तुरंत बेसुध पड़े जवान से क्षमा मांगी और पेलेट गन से घायल ‘गुमराह’ युवकों को देखने अगले कमरे की और बढ़ गए।

Rahul
अपनी ग़लतफ़हमी के बारे में बताते राहुल

राहुल, जिन्हें उनकी कच्ची उम्र की वजह से पार्टी में ‘बाबा’ के नाम से पुकारा जाता है, ने बाद में मीडिया को इस बारे में बताते हुए कहा, “दरअसल मैं जब कमरे में घुसा तो उस पच्चीस साल के नौजवान को गंभीर हालात में देखकर मुझे लगा कि सिर्फ एक पेलेट गन से कोई ऐसे घायल कैसे हो सकता है। तब मुझे किसी ने बताया कि आप ग़लत रूम में आ गये हैं। ये कश्मीरी पत्थरबाज नहीं बल्कि आर्मी का जवान है और घाटी में तैनात था। इस पर कुछ असामाजिक तत्वों नें पत्थर बाज़ी की थी, जिससे इसके सर और कंधे में गहरी चोट आ गयी है। मैं तो वहां घाटी के जाबाज़ पत्थरबाजों से मिलने गया था, इसलिये मैं तुरंत सॉरी बोल के बाहर निकल आया।”

राहुल बाबा से जब पूछा गया कि वो अचानक AIIMS क्यों जा पहुंचे, तो पहले तो वो कुछ क्षण मंद मंद मुस्कुराते रहे, फिर सीरियस होकर दोनों बाज़ू चढ़ाते हुए बोले, “आज रात जब मैं सोके उठा, तो मैंने देखा कि सुबह हो चुकी है। तो मैंने सोचा कि हस्पताल से कुछ दवाइयां ही ले आऊं। कुछ दिनों पहले भी मैं बीमार हुआ था न, तो यहीं आया था। फिर सिंधिया ने बताया कि कश्मीर के कुछ ‘गुमराह’ युवक भी गंभीर रूप से घायल हैं। लेकिन जब आज उनसे मिला तो पता चला कि हॉस्पिटल वालों की देख-रेख की बदौलत अब वो दो तीन दिन में ही एकदम हट्टे कट्टे हो चुके हैं। उनमे से कुछ लोग पता नहीं क्यों मुझसे पूछने लगे कि उनकी तनख्वाह कब तक पहुंचेगी, तो मैंने तो उनसे कह दिया कि हमारी सरकार आने दो, तुम्हे तुम्हारी तनख्वाह हम डायरेक्ट दिलवा देंगे नरेगा के तहत। … मनरेगा … मेरा मतलब था मनरेगा।”

इसके तुरंत बाद राहुल बाबा तेज़ अंदाज़ में प्रेस वार्ता से बाहर निकले और उनके पीछे करीब डेढ़ सौ कार्यकर्ता भी तेज़ी से उनके पीछे लपके। ऐसा लगा मानो कोई पदयात्रा शुरू होने वाली है लेकिन पांच मिनट बाद ही राहुल बाबा तेज़ी से वापिस अंदर आये क्योंकि वो अपना पर्स और घर की चाभी अंदर भूल गए थे, उनके पीछे सारे कार्यकर्ता भी तेज़ी से अंदर आये और पहले की तरह फिर उनके पीछे पीछे तेज़ी से बाहर निकल गये।



ऐसी अन्य ख़बरें