Saturday, 21st October, 2017

चलते चलते

शीला दीक्षित के घर की डोर-बेल बजाकर भागे राहुल गाँधी, शीला बोलीं- "जाने दो अभी बच्चे हैं"

01, Mar 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. कुछ दशक पहले डोर-बेल बजाकर भाग जाने की घटनाएं बहुत होती थीं। बच्चे अपने पड़ोसी को परेशान करने के लिए बेल बजाकर भाग जाते थे लेकिन आजकल के बच्चे क्रिकेट के पीछे इतना पागल हैं कि पूछो मत! उनके पास डोर-बेल बजाने का वक़्त ही नहीं है। दिन भर क्रिकेट और मोबाइल के पीछे लगे रहते हैं। लेकिन आज भी कुछ ऐसे ‘बच्चे’ हैं जो इस महान परंपरा को बचाने में लगे हुए हैं। और वो कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी हैं।

Rahul Gandhi 1
डोर-बैल बजाकर भागते राहुल गांधी

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शिकायत की है कि राहुल जी ही डोर-बेल बजाकर उन्हें परेशान किया करते हैं। उन्होंने फ़ेकिंग न्यूज़ के रिपोर्टर को बताया कि “क्या बताऊँ! मैं तो दस-बीस साल से बहुत परेशान हूँ। हर रोज़ सुबह-सुबह कोई आदमी हमारी डोर-बेल बजाता है और जब मैं दरवाज़ा खोलती हूँ तो वहां कोई नहीं होता। इस रोज-रोज की शरारत से तंग आकर एक दिन मैंने उसे पकड़ने की ठान ली। मैं दरवाजे के पास ही चुपचाप खड़ी हो गई, जैसे ही बेल बजी, मैंने तुरंत दरवाजा खोलकर उसे पकड़ लिया। लेकिन ये क्या! मुझे अपनी आँखों पर यकीन ही नहीं हुआ, ये तो राहुल बाबा थे। मैंने तुरंत उनसे सॉरी बोला”

“लेकिन आपने सॉरी क्यों बोला? आपको तो उन्हें डांटना चाहिए था।” यह सुनकर शीला जी हल्के से मुस्कुराते हुए बोलीं- “अरे! जाने दो बच्चा है, बड़ा होगा तो खुद सीख जाएगा। अभी ’46’ का ही तो है!”

हमारे रिपोर्टर ने बताया कि शीला जी का यह जवाब सुनकर वो पांच मिनट के लिए बेहोश हो गया। जब थोड़ी देर बाद उसे होश आया तो शीला जी को यह कहते हुए पाया- “हाँ, जब से राहुल जी चुनाव-प्रचार करने यूपी गए हैं और मुझे चीफ़ मिनिस्ट्री की दावेदारी से छुट्टी मिली है तब से मैं चैन की बंसी बजा रही हूँ।”

उधर, दिल्ली यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफ़ेसर घंटाप्रसाद बैली जी ने भी शीला दीक्षित का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि- “देखिए! डोर-बेल बजाने का फैशन सन 1980 के आसपास चलन में था। यानि आज से लगभग 37 साल पहले। और आज राहुल जी की उम्र है लगभग 46 साल। अब 46 में से 37 घटाने पर बच गए सिर्फ 9 साल। अब यही तो उमर होती है खेलने-कूदने की। इसका मतलब शीला जी, जो कह रहीं हैं उस बात में दम है कि राहुल गाँधी जी को अभी थोड़ा वक़्त और मिलना चाहिए।”



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