Saturday, 18th November, 2017

चलते चलते

"अधर्म का रास्ता छोड़ें और भक्ति के मार्ग पर चलें" -नीतीश की लालू को सलाह​

08, Aug 2017 By Vish

आरा. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव पिछले हफ़्ते एक रिपोर्टर के मज़ाक पर भड़क गये थे और उन्होंने नीतीश कुमार को पुरोचन एवं खुद को पाण्डव घोषित कर दिया था। अब इस मुद्दे पर नीतीश जी की भी प्रतिक्रिया आ गयी है। उन्होंने भी महाभारत का उदाहरण देते हुए लालू को भक्ति के मार्ग पर चलने की सलाह दी है।

Nitish- Lalu
लालू को भक्ति का मार्ग दिखाते नीतीश

नीतीश कल ‘फ़्रेंडशिप डे’ के शुभ अवसर पर आरा में एक ‘साथ निभाना साथिया’ नामक NGO का उदघाटन करने पहुँचे थे, जहां उन्होंने दोस्ती की अहमियत पर 15 मिनट भाषण दिया। उन्होंने कर्ण और दुर्योधन की मिसाल देते हुए उनकी दोस्ती की एक-दो कथायें भी सुनाईं। फिर उन्होंने कहा कि “परिवर्तन तो संसार का नियम है। समय के साथ हम कुछ नये रिश्ते बनाते हैं पर उसकी कीमत हमें पुराने रिश्ते तोड़ कर नहीं चुकानी चाहिये।” यह कहकर उन्होंने अपना भाषण समाप्त किया।

फिर जाते-जाते एक रिपोर्टर ने उन्हें लालू जी के कमेंट के बारे में बताया और उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही। इस पर नीतीश जी ने बात को बदलते हुए कहा कि “उन्हें केन्द्र का साथ मिल गया है और वो उम्मीद करते हैं कि ये साझेदारी लम्बी चलेगी और इससे बिहार को फ़ायदा होगा।”

पर जब वो रिपोर्टर उनके पीछे ही पड़ गया तो उन्हें अपना मुँह खोलना ही पड़ा। “देखिये अभी लालू जी को हमारी यही सलाह है कि वो अधर्म का रास्ता छोड़कर भक्ति के मार्ग पर चलें। तभी उनका उद्धार संभव है।” -इतना कहकर वो चल दिये।

नीतीश जी कौन सी भक्ति की बात कर गये, यह तो किसी के पल्ले नहीं पड़ा। पर जब तेजस्वी यादव को इस बात का पता चला तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि “डबल मीनिंग में काहे बात करते हैं जी! हम जानते नहीं हैं का, किसका भक्ति करने का बात कर रहे हैं वो! साफ़ साफ़ काहे नहीं बोल देते हैं।”



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