Tuesday, 25th April, 2017
चलते चलते

नये साल में केजरीवाल को मिला दूसरे पैर के जूते का तोहफ़ा, आप कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर

04, Jan 2017 By Pandey Nikkhil

रोहतक. यह नया साल दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल के लिए एक जबरदस्त तोहफ़ा लेकर आया है। वो तोहफ़ा जिसका उन्हें बरसों से इंतज़ार था और वो तोहफा है दूसरे पैर का जूता! पहले पैर का जूता तो उन्हें काफ़ी अरसा पहले ही मिल गया था, अब बस इंतज़ार था तो दूसरे पैर के जूते का। उनका ये दर्द बेचारे रोहतक वासियों से देखा नहीं गया और उन्होंने नये साल पर उन्हें ये तोहफ़ा आखिरकार दे ही दिया।

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रैली में दूसरे जोड़े की मांग करते केजरीवाल जी

हमारे जुझारू संवादाता संकल्प त्यागी के अनुसार ये “पूरा मामला तब का है जब केजरीवाल रोहतक में अपने हैरी पॉटर बनने का बचपन का सपना पूरा कर रहे थे। उन्होंने एक रैली में “तिजोरी तोड़ भंडाफोड़” किया, जिसका नाम हैरी पॉटर के ताला तोड़ने वाले मंत्र (Alohomora) के हरियाणवी अनुवाद पर रखा गया था। इस मन्त्र के सही उच्चारण के बाद ही वो ताला टूट पाया। ताला टूटते ही केजरीवाल की आँखें ख़ुशी से चमकने लगीं। उनका बचपन का सपना जो पूरा हो गया था।”

“हालांकि हर बार की तरह इस बार भी इसका कारण उन्होंने मोदी को ही बताया। उस के बाद बारी थी भाषण देने की, जिसमें मोदी-मोदी बोलते वक़्त अचानक कुछ ऐसा हुआ जो वो विश्वास नही कर सकते थे। भीड़ में से किसी ने उन्हें उनको दूसरा जूता दे दिया। हमेशा की तरह दरियादिली दिखाते हुए इसका श्रेय भी उन्होंने मोदी जी को ही दे दिया।”

हालांकि, जब हमारी टीम ने कुछ ‘आप’ सदस्यों से बात की तो हमेशा की तरह उनकी अलग-अलग राय थी। कुछ का कहना था कि “ये भगवान का एक मैसेज था कि पंजाब में भी हम ही जीतेंगे क्योंकि जब-जब अरविंद भाई ने अपने गाल की क़ुरबानी दी है, तब-तब पार्टी का भला ही हुआ है।” वहीं, एक नेता का कहना था कि “हमने ये पूरी रैली जनता और मीडिया का ध्यान अखिलेश और मुलायम के झगड़े से ध्यान हटाने के लिए की थी। उनके झगड़े की वजह से पब्लिक का ध्यान दिल्ली में हो रहे हमारे विकास कार्यों पर नहीं जा रहा था। लेकिन हमें क्या पता था कि भगवान हम पर इतना मेहरबान है कि हमें ध्यान के साथ-साथ दूसरे पैर का जूता भी दे देगा!”

वैसे, हमने इस तोहफ़े पर केजरीवाल जी की प्रतिक्रिया भी लेनी चाही लेकिन भारी ठण्ड होने की वजह से उनकी आवाज साफ़ नहीं सुनाई दी, हमें बस इतना ही सुनाई दिया- “खों खों खों!” शायद वो तोहफ़े पर प्रसन्नता जता रहे थे। हालांकि उनकी तरफ से कुमार विश्वास ने सिर्फ इतना कहा कि “इस बार केजरीवाल जी गणतंत्र दिवस पर चप्पल पहन कर नही जायेंगे।”



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