Saturday, 25th March, 2017
चलते चलते

दिल्ली की लड़ाकू देवरानी-जेठानी का नाम पड़ा 'बीजेपी' और 'शिवसेना'

24, Feb 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. रोहिणी के सेक्टर-4 में रहने वाली सुशीला और संगीता नाम की लड़ाकू देवरानी-जेठानी का उनके पड़ोसियों ने नया नामकरण कर दिया है। उनकी रोज़-रोज़ की किच-किच से तंग आकर पड़ोसियों ने उन्हें ‘बीजेपी’ और ‘शिवसेना’ नाम दे दिया है। और कमाल देखिये! ये दोनों ख़ुद भी अब एक-दूसरे को इन्हीं नामों से कोसने लगी हैं।

Devendra-Uddhav2
देवरानी-जेठानी की तरह मुंह-फुलाये उद्धव और फड़नवीस

जेठानी देवरानी को कोसती है- “तेरे लछ्छन पता हैं पूरे मोहल्ले को, मेरा मुंह मत खुलवा शिवसेना, कहे देती हूं!” तो देवरानी भी पलटकर ठेंगा दिखाते हुए जवाब देती है- “बड़ी आयी चाल-चरित्र वाली! चेहरा देखा है अपना शीशे में! तेरे संघ मायके तक का पता है मुझे! कभी ज़्यादा मोदी के चक्कर में आ रही हो! सारी डिग्रियों की पोल खोल दूंगी। समझी!”

इनके बुज़ुर्ग पड़ोसी राधेश्याम ने बताया कि “इनका तो बिल्कुल बीजेपी और शिवसेना वाला ड्रामा है। एक ही घर में रहेंगी और लड़ेंगी भी। हमने कितनी बार कह लिया कि अगर तुम्हारी एक-दूसरे के साथ नहीं पटती तो अलग क्यूं नहीं हो जातीं! रहेंगी भी एक ही घर में और सुबह-शाम गालियाँ भी बकेंगी।”

“अजी, हमारा तो कांग्रेस जैसा हाल हो गया है। कुछ कहो तो वे उल्टा हमें ही सुना देती हैं।” -राधेश्याम जी के साथ बैठे घनश्याम जी बोले।

इस झगड़े से उनके पड़ोसी ही नहीं, बीजेपी के नेता भी दुखी हैं। इलाक़े के पार्षद मुकेश गहलोत दो दिन पहले इनके घर के पास से गुज़र रहे थे तो अपनी पार्टी की माँ-बहन की तारीफ़ होते सुनी। इन्हें लगा कि कोई कांग्रेसी या आम आदमी पार्टी की सपोर्टर होगी। लेकिन जब पूरा क़िस्सा पता चला तो वो कल इनके घर में घुस गये और इन्हें समझाने लगे।

उन्होंने रिक्वेस्ट की कि “एक-दूसरे को तुम लोग कुछ भी कहो, हमारी बला से! बस, हमारी पार्टी को बीच में मत लाओ!” प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इसके बाद उन दोनों ने नेताजी को जो लपेटा है, तबसे नेताजी उधर का रास्ता ही भूल गये।



ऐसी अन्य ख़बरें