Thursday, 30th March, 2017
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BMC इलेक्शन के बाद मुंबई के सारे रिजॉर्ट्स हाई अलर्ट पर, पार्षदों ने कपड़े पैक किये

25, Feb 2017 By Ritesh Sinha

मुंबई. BMC चुनाव के रिजल्ट आ गए हैं और किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। माना जा रहा है कि यहाँ से चुनाव आयोग का काम ख़त्म हो गया है और होटल मालिकों का काम शुरु हो गया है। BMC पर काबिज होने के लिए पार्टियों को मुंबई के किसी होटल या रिजॉर्ट की मदद लेनी ही पड़ेगी। जैसे तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिये विधायकों को गोल्डन बे रिजॉर्ट में रखना पड़ा था, उसी तरह अब मुंबई के पार्षदों को भी कहीं रखना पड़ सकता है।

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आउट ऑफ़ रिजॉर्ट सैटलमेंट कर लोः उद्धव ठाकरे

चूँकि इस चुनाव में शिवसेना को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है इसलिए उसे अपना ‘मेयर’ बनाने के लिए दूसरे दलों से भी समर्थन लेना पड़ेगा। और दूसरी पार्टी का समर्थन प्राप्त करने के लिए पैसा भी खर्च करना पड़ता है और कहीं वे अपना पाला ना बदल लें इसके लिए उन्हें होटल में कैद करके भी रखना पड़ता है। इस तरह आने वाले दिनों में मुंबई के किसी एक रिजॉर्ट मालिक के अच्छे दिन आ सकते हैं।

इस वजह से मुंबई के सभी होटल और रिजॉर्ट मालिक हाई अलर्ट पर हैं और उन्होंने शिवसेना से संपर्क करना शुरू कर दिया है। सब अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए शिवसेना को ख़ास ऑफर भी दे रहे हैं। एक रिजॉर्ट के मालिक समीर आहूजा ने अपनी तैयारी के बारे में बताया कि “हम अपने ग्राहकों को खुश करने के लिए वर्ल्ड क्लास सुविधा देने की हमेशा कोशिश करते हैं। अगर शिवसेना अपने मेहमानों को हमारे यहां ठहराती है तो हम वादा करते है कि हम उनका अच्छे से ख्याल रखेंगे। आपको जिस पार्टी का समर्थन चाहिए उसके बंदों को उठाकर हमारे रिजॉर्ट में डाल दीजिए। बाकी हम संभाल लेंगे।”

“लेकिन तमिलनाडु में तो कुछ विधायक दीवार कूदकर भाग गए थे। आपके रिजॉर्ट में “सरकार बनाओ फीचर” है कि नहीं?” ऐसा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि “बिलकुल है! बल्कि हमने अपने रिजॉर्ट को ऐसे डिजाइन किया है कि यहाँ से कोई बंदा भाग ही नहीं सकता। 20 फीट की दीवार है भाईसाब! और अगर कोई भागने की कोशिश करेगा तो उसे पकड़ने के लिए बाउंसर भी हैं। अन्दर स्वीमिंग पूल है, अच्छा खाना मिलता है और मोबाइल भी काम नहीं करता। और क्या सुविधा चाहिए ‘मेयर’ बनाने के लिए?” -आहूजा जी ने तर्क दिया। उधर, कांग्रेस, NCP और निर्दलीय पार्षद ‘रिजॉर्ट’ का नाम सुनकर फूले नहीं समा रहे हैं।



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