Sunday, 19th November, 2017

चलते चलते

आडवाणी जी का सपना पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी दे सकते हैं इस्तीफ़ा

09, Nov 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. अंदर की ख़बर रखने वाले हमारे खोजी पत्रकार सन्नी देओल ने हमें एक चौका देने वाली ख़बर भेजी है। ख़बर ये है कि प्रधानमंत्री मोदी 10 नवंबर को अपने पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं। इस्तीफ़ा देने के बाद वो आडवाणी जी को प्रधानमंत्री का पद भी सौंपने जा रहे हैं, ताकि उनका बरसों पुराना सपना पूरा हो सके। पहले तो मोदी जी नोटबंदी की बरसी यानि 8 नवंबर को ही उन्हें पद सौंपने वाले थे लेकिन फिर यह सोचकर दो दिन के लिये टाल दिया कि पद संभालते ही बेचारे आडवाणी जी को नोटबंदी के सवालों का सामना करना पड़ेगा।

Modi- Advani1
मोदी जी का त्याग देखकर भावुक हो उठे आडवाणी

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से मोदी जी दिन भर आडवाणी जी के बारे में ही सोचते रहते हैं कि “उनकी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा का क्या होगा? रथयात्रा से भी कुछ हासिल नहीं हुआ, शाइनिंग इंडिया भी फ्लॉप हो गया! अब मुझे ही उनके लिए कुछ करना चाहिए! थोड़े दिनों के लिए तो आडवाणी जी को भी पीएम बनने का हक़ है।” वगैरह-वगैरह। इसी उधेड़बुन में अब उन्होंने यह कठोर फैसला ले लिया है कि वो नोटबंदी की बरसी के दो दिन बाद राष्ट्रपति को अपना इस्तीफ़ा सौंप देंगे।

जैसे ही यह ख़बर ब्रेक हुई, देश में कोहराम मच गया। लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि मोदी जी ऐसा भी कर सकते हैं। उधर, आडवाणी जी इस फैसले से इतने ख़ुश हुए हैं बस पूछिये मत! उन्होंने तुरंत अटैची से अपना पीएम वाला जोड़ा निकालकर लॉन्ड्री को भेज दिया है।

हमारे रिपोर्टर ने आगे बताया कि आडवाणी जी को प्रधानमंत्री बनाना तो एक बहाना है, दरअसल, मोदीजी अब ‘परधानी’ से ऊब चुके हैं। नोटबंदी, जीएसटी, पनामा और पैराडाइज जैसे झंझटों से मुक्ति पाने के लिए ही वो अपना पद छोड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, देश में चुनाव कहीं भी हो, चुनाव प्रचार करने हर जगह उन्हें ही जाना पड़ता है। वो इस बात से बेहद व्यथित हैं। जवाब देने के लिए राहुल गाँधी का भाषण भी सुनना पड़ता है, यह भी एक बड़ा कारण है। और ऊपर से अब ये दिल्ली का स्मॉग! इन्हीं सब कारणों को मिलाकर उन्होंने सोचा कि अब दिल्ली छोड़ देने में ही भलाई है।

उधर, इस खबर से भाजपा नेता सकते में आ गए हैं। कुछ लोग तो आडवाणी जी के लिए घोर आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने अपने आँसू पोछते हुए बताया कि “मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि ऐसा कैसे हो सकता है? जब से ये खबर सुनी है, आँसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे! मोदी जी को कुछ दिन और रुकना चाहिए था!”



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