Sunday, 28th May, 2017
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संसद में दोपहर के बाद भी रुक गए सांसद महोदय, घरवालों ने लिखाई लापता होने की रिपोर्ट

22, Mar 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. रासबिहारी मिश्र जी (बदला हुआ नाम) तीसरी बार अपने क्षेत्र से सांसद चुनकर आए हैं, लेकिन उनका मन संसद के कामकाज में बिल्कुल नहीं लगता। वे आए दिन संसद से गायब रहते हैं। कभी-कभार संसद आ भी जाएँ तो दोपहर के बाद पतली गली से निकल लेते हैं। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को संसद में ज्यादा समय बिताने के लिए कहा था। इसी बात को मिश्र जी ने सीरियसली ले लिया और शाम तक संसद में रूक गए। बस फिर क्या था, घर वाले टेंशन में आ गए और उन्होंने पार्लियामेंट थाने में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

संसद में मिश्रा जी
संसद में मिश्रा जी

थाने में पुलिस ने सांसद की पत्नी शोभा देवी से पूछा कि “उनका हुलिया कैसा था? उनके बारे में कुछ बताइए?” तो उन्होंने पुलिस को मिश्र जी की फोटो पकड़ाते हुए कहा “ये रहे हमारे ‘वो’, बड़े अच्छे आदमी हैं। ये तो बिना किसी मुद्दे के भी घंटों चिल्ला सकते हैं। ये अक्सर दोपहर में ही घर लौट आते थे पर आज अब तक नहीं आए? आप रपट लिखिए और खोजबीन शुरू कर दीजिए! बेला के पापा जल्दी लौट आईए अब मैं आपको कुछ नहीं कहूँगी!”-कहते हुए वो पल्लू पकड़के रोने लगी। पुलिस वालों ने उन्हें चुप कराया और दावा किया कि उन्हें पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे।

तभी, शोभा जी का मोबाइल बज उठा। उन्होंने फोन उठाया तो उधर से आवाज आई “अरे भागवान! काहे आसमान सिर पे उठा रही हो! मैं अभी पार्लियामेंट में हूँ। देखता हूँ, अगर चिल्लाने का मौका मिलेगा तो एडजर्न करवाके जल्दी आता हूँ, नहीं तो देर हो जाएगी।” यह सुनते ही शोभा जी ने राहत की सांस ली। उधर, इस बात पर बहस छिड़ गई है कि आखिर सांसद कामकाज में ध्यान क्यों नहीं देते हैं? कुछ लोगों ने सलाह दी है कि संसद में मिलने वाले खाने की क्वालिटी को सुधारा जाए। वहीँ, कुछ लोगों का कहना है कि संसद परिसर में तीन-पत्ती खेलने की छूट दी जाए ताकि सांसदों को बोर होने से बचाया जा सके।



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