Monday, 24th April, 2017
चलते चलते

राहुल बोले- "अगली बार आएगी कांग्रेस सरकार", मनमोहन बोले- हाँ, worst is yet to come!

15, Jan 2017 By Pagla Ghoda

गंगू की कुटिया, अमेठी. कांग्रेस उप-राष्ट्राध्यक्ष राहुल गांधी का स्टेटमेंट- “जो हम साठ साल में ना कर सके वो बीजेपी ने केवल ढाई साल में ही कर दिया” मीडिया में काफी समय गर्म रहा। लेकिन अभी इस स्टेटमेंट से लगी आग की तपिश ठंडी भी नहीं हुई थी कि मनमोहन जी के एक ज़ोरदार कॉन्ट्रोवर्शियल स्टेटमेंट ने कल शाम एक नया बम गिरा दिया। हुआ ये कि हमेशा की तरह राहुल जी एक गरीब गंगू लकड़हारे की कुटिया में फाइव स्टार से मंगाया थाली-65 प्रीमियम मील खा रहे थे और डाइट पेप्सी सिप कर रहे थे। गंगू की टूटी-फूटी झोंपड़ी की मीडिया काफी फोटोज़ भी खींच रहा था।

Manmohan_Singh
हंस कर विजयी चिन्ह बनाते मनमोहन सिंह

इतने में ही ड्राई-फ्रूट नान खाते-खाते राहुल बाबा के मुंह से निकला- “अगली बार देखना भैय्या, कांग्रेस की ही सरकार आएगी।” उसी वक़्त मनमोहन सिंह जी ने फट से बोल दिया- “बिलकुल सही राहुल जी, worst is yet to come!” और वहां मौजूद पत्रकारों ने दोनों स्टेटमेंट्स को एक साथ ही नोट कर लिया।

बाद में इस पर टिप्पणी करते हुए एक कांग्रेस कार्यकर्ता भयंकर भोकाली ने कहा, “यार मनमोहन अंकल ने भी राहुल जी की पूरी यात्रा का कबाड़ा कर दिया। वैसे तो राहुल जी ही कई बार सेल्फ-गोल कर देते हैं पर इस बार मनमोहन अंकल ने बिना बात उन्हें ज़बरदस्त ट्रोल कर दिया। राहुल जी बोले कि कांग्रेस की सरकार आएगी अगली बार, और मनमोहन अंकल ने फट बोल दिया ‘हां जी worst is yet to come!’ ये सुनके हम सब की तो फटी की फटी रह गयीं आँखें! अब मनमोहन जी कोई चाभी वाला खिलौना हैं क्या, जो हर जगह रटा-रटाया डायलॉग बोलते रहेंगे! ‘worst is yet to come’ वाला डायलाग तो उन्होंने नोटबंदी के लिए कुछ टाइम पहले मारा था, हर जगह वही बोलते रहेंगे क्या? पहले राहुल जी और मनमोहन अंकल दोनों चुप रहते थे, तो ठीक था। अब दोनों बोलने लगे हैं तो कोई ना कोई कांड तो होना ही है।”

केरल से आये कांग्रेस कार्यकर्ता पांडुरंग पिंगलिराज ने भी मनमोहन जी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “हम पूछता है के मनमोहन जी उधर कर क्या रहा था? राहुल जी ने तो उन्हें कॉल नहीं किया था। इतना मिनिस्टर और एक्स-आईएएस का लोग हर काम के लिये उनके अग्गु पिछु घूमता रहता, उन लोग को राहुल जी का सेवा करने का चांस देना। मनमोहन जी को बस इकोनॉमिक्स का स्टेटमेंट देना और बाकी टाइम पहले का माफिक चुप रहना।”

इस मामले में अभी तक पार्टी की और से कोई औपचारिक टिप्पणी तो नहीं आयी है लेकिन चूंकि मनमोहन जी ने अपने इस स्टेटमेंट के बाद “ठीक है?” पूछकर राहुल बाबा की सहमति नहीं मांगी थी, इसलिए कहा जा रहा है कि उनके इस स्टेटमेंट को इनफॉर्मल बड़बड़ाहट मान कर सिरे से नज़रअंदाज़ कर दिया जाए।



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