Wednesday, 13th December, 2017

चलते चलते

अब मामा शकुनि ने लताड़ा मोदी को, कहा- बिना कैश पत्ते खेलने में हो रही है दिक्कत

16, Dec 2016 By Pagla Ghoda

हस्तिनापुर, नयी दिल्ली: कौरवों के ‘वन ऐंड ओनली’ मामाश्री गांधार नरेश शकुनि इन दिनों काफी क्रोधित हैं। उनके अनुसार महाराज धृतराष्ट्र के सिंहासन छोड़ने के बाद से जिस-जिस ने हस्तिनापुर की गद्दी संभाली है, उसने मामाश्री को तंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

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कैश ना मिलने पर विलाप करते मामा शकुनी

जैक डैनिएल्स प्रीमियम सिप करते हुए मामा श्री ने हमारे एक जुआरी संवाददाता को बताया, “अरे भांजे, उनीस सौ सत्तर में तो सरकार ने हमें हमारे राजमहल से उठवा लिया था और एक गेस्ट हाउस में नज़रबंद करवा दिया था। हमें तब भी इतना बुरा नहीं लगा था, भगवान् झूठ न बुलाये! लेकिन मौजूदा सरकार ने जो किया है ना, उसने तो हमारी सबसे बड़ी आदत, सबसे बड़े शौक पर ही वार कर दिया है!”

“कौन सा वार मामाश्री?”, संवाददाता के यह पूछते ही शकुनी मामा ग़ुस्से में पासा फेंकते हुए बोले- “नोटबंदी का वार, और कौन सा! इस नोटबंदी ने हमारा पासे फेंकना, पत्ते फेंटना सब बंद करा दिया है। भांजे राजा, अब तुम ही बताओ कि हमारे जैसे चक्रवर्ती राजा यदि धयूत क्रीड़ा नहीं करेगा तो क्या करेगा!”

हाथों में पासे रगड़ कर अपने उसी महाभारत वाले अंदाज़ में फेंकने के बाद मामाश्री आगे बोले, “वैसे तो भांजे दुशास्सन का एक डांस बार और कसीनो है लास वेगास में,तो उसने काफी मात्रा में डॉलर, यूरो और येन भेज दिये थे लेकिन यहाँ कमबख्त डॉलर भी कोई लेता नहीं है ना भिखारियों और नेताओं के अलावा! यही हाल रहा तो मुझे भी बिटकॉइन अकाउंट बनाना पड़ेगा। पर जो मज़ा हाथ में पड़ी मुद्रा में है वो वर्चुअल करेंसी में कहाँ?”

हमारा संवाददाता इंटरव्यू करके उठने लगा तो मामा शकुनि ने उसे जबरन एक और गेम के लिए बिठा लिया। कहने की ज़रुरत नहीं कि उन्होंने उसे कई बार हराया और उसकी घड़ी और बेल्ट भी रखवा ली। फिर हँसते हुए मामाश्री बोले, “देखो कितना शौक है मुझे इस सबका! मैंने तो ई-कॉमर्स वेबसाइट से दो सौ डब्बे मोनोपोली गेम के मंगवा लिए हैं। उसमें जो प्लास्टिक के सिक्के रहते हैं ना, अब उन्हीं से खेलूंगा, जीतूंगा और लोगों से उसी हिसाब से ऑनलाइन पेमेंट लूँगा।”



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