Friday, 23rd June, 2017
चलते चलते

"भांग के पकौड़ों ने कर दिया केजरीवाल भाई का ये हाल, होली पे दबा के खाये थे", आप नेता का दावा

15, Mar 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ईवीएम के बारे में जो बयान दिया है, उसमें उनका कोई दोष नहीं है। यह सब भांग के पकौड़ों का किया-धरा है। ‘आप’ के ही किसी पुराने बंदे ने अपनी ख़ुन्नस निकालने के लिये यह ‘पकौड़ा-कांड’ किया है। उस ‘टोपी के साँप’ ने होली वाले दिन उन्हें जानबूझकर भांग के पकौड़े खिला दिये, जिन्हें खाने के बाद केजरीवाल अब तक होश में नहीं आये हैं और उल्टा-सीधा बोले जा रहे हैं।

kejriwal10
भांग के पकौड़ों के बाद केजरीवाल जी का हाल

यह दावा किया है ‘आप’ के एक वरिष्ठ नेता ने। उन्होंने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि “अरविंद भाई ईवीएम के बारे में जो कुछ भी बोल रहे हैं, इसके पीछे पार्टी के ही एक गद्दार का हाथ है। वो जानता था कि हारने के बाद अरविंद भाई भरे बैठे होंगे। ऐसे में अगर उन्हें भांग खिला दी जाये तो मज़ा आ जायेगा!”

“पंजाब की एडवांस जीत की ख़ुशी में जो पकौड़े बने थे, उनमें से बहुत सारे बच गये थे। तो जी उसने क्या किया! उन्हीं पकौड़ों में भांग मिलाकर उन्हें दोबारा तल दिया। इस एक्स्ट्रा तलाई की वजह से पकौड़े और भी घातक हो गये।”

“अरविंद भाई माथा पकड़कर बैठे थे। उसी समय वो थाली लेकर पहुंच गया और बोला कि भाभी जी ने अल्लाह, वाहे गुरु, भगवान और गॉड का नाम लेकर ये पनीर के पकौड़े बनाये हैं। आप तो जानते ही हो। पनीर भाईसाब की शुरु से ही कमज़ोरी रहा है। मज़े-मज़े में कुछ ज़्यादा ही खा गये।”

“फिर क्या हुआ?” -रिपोर्टर के इस सवाल पर वो उसे अजीब नज़रों से घूरते हुए बोले- “अगर किसी पागल आदमी को भूत चिपट जायें तो उसका क्या हाल होगा?” फिर एक गहरी साँस लेकर बोले- “अरविंद भाई के साथ भी वो ही सब हो रहा है। एक तो पंजाब और गोवा की हार और ऊपर से ये भांग के पकौड़े!”

“सुबह-सुबह सुनीता भाभी से कहन लगे- ‘तुम कौन हो बहनजी?’ भाभी जी ने मुंह पे पानी के छींटे मारते हुए कहा कि ‘मैं तुम्हारी पत्नी हूं’ तो बोले ‘सबूत दिखाओ!’ भाभी जी ने शादी की एलबम दिखाई तो कहन लगे कि ‘इन फोटुओं के साथ छेड़छाड़ हुई है।’ अब बताओ ये कोई बात है!” -नेताजी ये सब कह ही रहे थे कि तभी एक वॉलंटियर दौड़ा-दौड़ा आया और बोला- “अरविंद भाई माइक लेकर सड़क पे पहुंच गये हैं। जल्दी चलो!” यह सुनते ही नेताजी उन्हें खींचकर लाने के लिये दौड़ पड़े।



ऐसी अन्य ख़बरें