Thursday, 18th January, 2018

चलते चलते

करुणानिधि ने की प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़, 2G स्कैम में फ़ैसले पर कहा- "आ गए अच्छे दिन!"

24, Dec 2017 By Guest Patrakar

चेन्नई. पिछले कई सालों से एक आम हिंदुस्तानी के मन में दो सवाल रोज़ कौंधते थे- ‘कट्टप्पा ने बाहुबली को क्यूँ मारा?’ और ‘अच्छे दिन कब आएँगे?’ जिनमें से एक का जवाब तो हमें पहले ही मिल चुका है और दूसरे का कल मिल गया, जब करुणानिधि ने बेटी कनिमोझी के रिहा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा- “मेरे अच्छे दिन आ गए है!”

Modi-Karunanidhi-Meeting
“अहा! मेरे अच्छे दिन आ गये!”

सीबीआई कोर्ट से 2जी घोटाले का फ़ैसला आते ही लाखों लोग मोदी जी को कोसने लगे लेकिन कोई था जो इस फ़ैसले से बहुत ख़ुश था और मोदी जी की लंबी उम्र की कामना कर रहा था। वो थे कनिमोझी के पिता और DMK के पूर्व अध्यक्ष करुणानिधि!

अपनी बेटी के बरी होने पर करुणानिधि इतने ख़ुश हुए कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलेआम मोदी जी की तारीफ़ कर डाली। उन्होंने कहा “आज सत्य की जीत हुई है। कम से कम हमारे सत्य की तो हुई ही है। मैं मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूँ, जिन्होंने कुछ कार्रवाई ना करा कर कनिमोझी को रिहा करवाने में मदद की। किसी और के तो पता नहीं मगर मेरे अच्छे दिन ज़रूर आ गए है।”

सुनने में आया है कि इसके बाद विजय माल्या और ललित मोदी भी हरकत में आ गए है। ललित मोदी ने ट्वीट करते हुए ऐसा ज़ाहिर किया। उन्होंने लिखा, “मैं और विजय माल्या फ़ालतू में डर रहे थे। जब लोग इतने बड़े-बड़े घोटाले करके भी बरी हो रहे है तो हम तो फिर भी छोटी-मोटी हेरा-फेरी वाले लोग ही हैं। मैं और विजय भी अगली फ़्लाइट से भारत आ रहे हैं।”

मोदी सरकार की इस बेइज़्ज़ती का जवाब थोड़े ही देर बाद अरुण जेटली जी देने आये। उन्होंने कहा कि “लोगों को हम पर भरोसा बनाए रखना होगा। कोर्ट और जज किसी के हाथ की बात नहीं होती!” जिस पर कई भाजपा समर्थक यह लिख कर चले गए कि जल्दी से कोर्ट हाथ में ले लो वरना 2019 में वोट भी हाथ की बात नहीं रहेंगे।

ख़ैर, फिलहाल कनिमोझी और ए राजा दोनों को पुलिस ने रिहा कर दिया है और अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से बचने के लिए सलमान खान से मिलने का फ़ैसला लिया है। जहाँ भाई उन्हें चैरिटी के ज़रिए बचने के तरीक़े समझाएँगे।

लेकिन जब तक सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला नहीं आ जाता, तब तक यह दोनों और अन्य 12 लोग चैन से नहीं बैठ सकते। लेकिन सवाल यह पैदा होता है कि क्या पटाखे और दही हाँडी बैन करने वाली सुप्रीम कोर्ट इस केस में भी सख़्ती से पेश आएगी या एक बार फिर सल्लू भाई की तरह इन्हें भी रिहाई मिल जाएगी।



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