Wednesday, 13th December, 2017

चलते चलते

आवश्यकता से अधिक रायता फैलाने के कारण हुई कपिल मिश्रा की छुट्टी: आप

10, May 2017 By Pagla Ghoda

नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी के सबसे वाचाल नेता श्री कपिल मिश्रा जी की पार्टी से की गयी छुट्टी का कारण, उनका पार्टी सुप्रीमो श्री केजरीवाल से गृहयुद्ध नहीं अपितु आवश्यकता से अधिक रायता फैलाना बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार आम आदमी पार्टी में भर्तियां, एमटीवी के मशहूर शो रोडीज़ में की जाने वाली भर्तियों से कुछ ज़्यादा भिन्न नहीं हैं। दोनों ही शोज में कैंडिडेट की रायता फ़ैलाने की क्षमता की परख की जाती है। लेकिन चूंकि मिश्रा जी ने रायता इतना फैला डाला था कि पार्टी को डुबोने की कगार पे आ गया था, इसी कारण उन्हें पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया।

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रायता फैलाने का नतीजा समझाते मनीष सिसोदिया

स्वयं ‘आप’ सुप्रीमो श्री अरविन्द केजरीवाल जी ने खुद को एकदम बेक़सूर बताते हुए मीडिया से बात की। हमेशा की तरह अपनी उँगलियों पे गिनाते हुए उन्होंने कहा, “यार पहली बात तो मिश्रा जी मेरे खिलाफ गये, ये उनकी पहली गलती थी। उन्हें ‘आप’ के इंटरनल लोकपाल के पास जा के लिखित में कंप्लेंट देनी चहिये थी। दूसरा उन्होंने ज़रूरत से ज़्यादा रायता फैलाया। पार्टी में हर मेंबर का रायता फैलाने का यार एक कोटा होता है। उससे ज़्यादा नी फैलाना होता किसी को भी। आप पूछ लो यहाँ सब बैठे हैं। आशु, विश्वास यार हमारे रायता-कोटे की लिस्ट सभी पार्टी मेम्बरों के नाम के साथ कल वेबसाइट पे अपलोड करवा दो। हम बहुत ट्रांसपेरेंट हैं जी इस मामले में! इतना ट्रांसपेरेंट तो कांच भी नहीं होता जी, जितने हम हैं।”

दो बार ज़ोर-ज़ोर से खांसने के बाद केजरीवाल जी ने फिर गिनाना शुरू किया, “और तीसरी गलती भी मिश्रा जी की सुन लो। उन्होंने मेरे पे इलज़ाम लगाने से पहले हमारी पार्टी में इंटरनल सर्वे नहीं करवाया। मैंने करवाया है कल सर्वे। उसके नतीजे भी सुन लो, सौ प्रतिशत लोगों का मानना है कि मैं बेक़सूर हूँ। सौ प्रतिशत! सौ पता है कितना होता है? मैं तो आईआईटीइन हूँ , मुझे पता है। और सुन लो, पूरे तीन वोट पड़े हैं इस सर्वे में, जिसमें से सिर्फ एक मेरा था।” ये कहकर केजरीवाल जी ने आँख बचाकर आशुतोष जी और विश्वास जी की और देखा।

मफलर एडजस्ट करके केजरीवाल जी ने आगे बोलना शुरू किया, “और मैं मीडिया के माध्यम से ये कहना चाहता हूँ कि बीजेपी वाले अब हमारे मामलों में सवाल उठाना बंद करें। उल्टा मैं मोदी जी से पूछना चाहता हूँ कि ये पाकिस्तान की कड़ी निंदा करना बंद करके उनके खिलाफ स्ट्रिक्ट एक्शन कब होगा? इनकी कड़ी निंदा सुन-सुन के मेरे कान पक गए हैं, इसलिए तो इतनी गर्मी में भी मैं मफलर बाँध के बैठा हूँ। अगर आज हमारी आम आदमी पार्टी की सरकार होती ना सेंटर में, तो बाई गॉड पाकिस्तान की एम्बेसी के बाहर बिस्तर लगा लेता मैं! बैक टू बैक धरने देता। घुटनों पे आ जाता वो नवाज़ शरीफ। लेकिन ये सरकार निकम्मी है। खैर, आएगा, इंकलाब आएगा, घबराओ मत तुम लोग!”

कुछ देर बाद जब प्रेस वार्ता से पत्रकार उठ उठ कर जाने लगे तो केजरीवाल जी ने फ़ौरन चाय-नाश्ता खुलवा दिया, जहाँ लोगों को गोभी के परांठो के साथ रायता, अचार इत्यादि दिया जाने लगा। रायते का मर्तबान लेकर भागते एक कार्यकर्ता के हाथ से मर्तबान फिसल कर गिर पड़ा और रायता चारों और फैलने लगा। उसे देखकर केजरीवाल जी ने ज़ोर से कहा, “आशु, इस लड़के ने भी अपना कोटा एक्ससीड कर लिया है। इसके नाम का भी टर्मिनेशन लेटर टाइप कर दे, मैं साइन कर दूंगा।”



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