Thursday, 25th May, 2017
चलते चलते

आतंक और नक्सलवाद से निपटने के लिये ‘कड़ी निंदा’ को हथियार बनाकर सेना में शामिल करेगी सरकार

30, Apr 2017 By कपट मुनि

नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने कड़ी निंदा को एक हथियार की तरह सेना के बेड़े में शामिल करने का फैसला कर लिया है। कड़ी निंदा की मारक क्षमता का प्रधानमंत्री मोदी समेत पूरा मंत्रिमंडल कायल है और जल्द से जल्द इसे सेना में शामिल करना चाहता है।

Modi Rajnath
कड़ी निंदा से अब आतंकी थर थर कांपेंगे

सरकार के फ़ैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि “कड़ी निंदा हथियार वहाँ भी पंहुच सकता है, जहाँ सूरज की रोशनी भी नहीं पंहुच सकती। हम इस हथियार का इस्तेमाल आज़ादी के समय से कर रहे हैं और इसका अब तक सेना में शामिल ना होना लोकतंत्र के दामन पर बदनुमा दाग़ है। जिसे धोना हमारी सरकार का नैतिक कर्त्तव्य है।”

“निंदा हथियार हर भारतीय चलाना जानता है। इसलिये हमारे इस फैसले से देश का हर नागरिक एक सैनिक बन जायेगा, जिससे देश की सेना मजबूत होगी। और निंदा हथियार दो तरह के होंगे साधारण निंदा और कठोर निंदा! साधारण निंदा हथियार का लाइसेंस हर भारतीय को एक विशेष निंदा एप से दिया जायेगा जबकि कठोर निंदा हथियार चलाने का विशेषाधिकार सिर्फ नेताओं को होगा।” -वेंकैया जी ने गर्व से सीना फुलाते हुए कहा।

उन्होंने आगे बताया कि “सरकार कड़ी निंदा हथियार चलाने के लिए विशेष रूप से बतोले नेताओं को सेना में शामिल करेगी, जिससे कि निंदा का हमला असरदार हो सके। फिर हम धीरे-धीरे सेना के सारे हथियार ख़त्म कर देंगे और पुराने सैनिकों की छुट्टी कर सारे नेताओं और निंदाखोरों को सेना में भर्ती कर लेंगे!” मंत्री जी ने उम्मीद जतायी कि निंदा हथियार से कश्मीर समस्या, आतंकवाद, माओवाद और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं पर भारत विजय पा लेगा और एक विश्वशक्ति बन कर उभरेगा।

सरकार की इस घोषणा से नेताओं और निंदाखोरों में काफी उत्साह देखा जा रहा है और वे निंदा हथियार चलाने में महारत हासिल करने के लिए जहाँ-तहाँ अपनी ज़बान में धार लगवाते नज़र आ रहे हैं।



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