Tuesday, 23rd May, 2017
चलते चलते

एक ही राग अलापने वाले हुर्रियत नेताओं को शास्त्रीय संगीत सिखाएगी केंद्र सरकार, ताकि दूसरे राग में भी गा सकें

17, Sep 2016 By Ritesh Sinha

कश्मीर/नयी दिल्ली. केंद्र सरकार हुर्रियत नेताओं को मिलने वाली सुख सुविधाएँ छीनने की तैयारी कर रही है, लेकिन इसके बदले में उन्हें शास्त्रीय संगीत सिखाने का भी प्लान बनाया जा रहा है। ताकि वो कश्मीर राग के अलावा राग जैजेवंती या राग भैरवी में भी गा सकें। बहुत दिन से ये मांग हो रही थी की दिनभर कश्मीर राग अलापने वालों को शास्त्रीय संगीत की विधिवत तालीम दे दी जाए जिससे वे भी अन्य राग में खुलकर गा सकें और सुनने वालों को भी थोड़ा चैन मिल सके।Indian-classic-music

इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि “हम चाहते हैं कि हुर्रियत नेताओं को संगीत की अच्छी तालीम दे दी जाए। इस अभियान के तहत उन्हें दूसरे रागों में कैसे गाया जाता है ये सिखाया जाएगा, ताकि हमें भी इस कश्मीर राग से मुक्ति मिल सके। जल्द ही तीन-चार बेहतरीन उस्ताद अपना तानपुरा लेकर कश्मीर के लिए रवाना होंगे और अपने काम में लग जाएंगे।”

राजनाथ सिंह ने आगे बताया कि, “इतने दिनों तक पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाने के कारण हुर्रियत के सभी नेता बेसुरे हो गए हैं, इसलिए सबको सुबह शाम नमक के गरारे करवाए जाएँगे। गला साफ़ होने के बाद उनको सात सुर- ‘सा रे गा मा ध नी’ सिखाया जाएगा। जब पत्रकारों ने गृहमंत्री को टोंका कि आप एक सुर भूल गए है! सा रे गा मा के बाद “पा” आता है, तो राजनाथ सिंह भड़क गए और बोले- हम नहीं सिखाने वाले “पा” को, उसी पाकिस्तान का तो किया धरा है ये सब, जाओ नहीं सिखाते हम “पा”। हाँ, अगर वो चाहें तो हम अमिताभ बच्चन की “पा” फिल्म दिखा देंगे उनको टीवी पर।”

जब उनसे पूछा गया कि- “हुर्रियत नेताओं को गाना गाने के आलावा क्या बजाना भी सिखाया जाएगा?” तो राजनाथ सिंह साफ़ मुकर गए और कहने लगे- ” देखिए! हम उन्हें सिर्फ गाना गाना सिखाएँगे, बजाने का काम भारतीय सेना का है और सेना अपना काम बखूबी कर रही है।”

वहीँ सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कौन कौन से राग सिखाए जाएँगे इनका खुलासा नहीं किया गया है। कुछ राजनीतिक दलों ने इसका भारी विरोध किया है। शिवसेना ने धमकी दी है कि सरकार अपना फैसला वापस ले नहीं तो विरोध स्वरुप मुंबई के सारे बेसुरे गायकों को पीट दिया जाएगा।



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