Monday, 18th December, 2017

चलते चलते

नेता बहुत कम दे रहे हैं विवादित बयान, चुनाव आयोग नाखुश

10, Feb 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. पाँच राज्यों में से दो राज्य में वोट डाले जा चुके हैं लेकिन अभी तक किसी नेता ने विवादित बयान देकर बड़ा धमाका नहीं किया है। हाँ, कुछ छोटे-मोटे धमाके हुए हैं लेकिन इन सबसे चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं है। चुनाव आयोग ने आदित्यनाथ,अबू आजमी, आजम खान, साक्षी महाराज,ओवैसी, कटियार जैसे नेताओं को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। चुनाव आयोग को इन नेताओं पर शक है कि कहीं ये अपना टैलेंट भूल तो नहीं चुके हैं। चुनाव सर पर हैं फिर भी ये अनाप-शनाप क्यों नहीं बोल रहे हैं?

नेताओं को पत्र लिखते नसीम ज़ैदी
नेताओं को पत्र लिखते नसीम ज़ैदी

बयान बहादुरों के बिना चुनाव आयोग के अफसरों को भी चुनाव कराने में कोई मज़ा नहीं आ रहा है। उनका कहना है कि इस बार का चुनाव राजश्री प्रोडक्शन के फिल्म की तरह हो गया है। कोई एक्शन ही नहीं है। चुनाव आयोग के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि “क्या बताएँ साब! इस बार तो काम में मन ही नहीं लग रहा। पहले बयान बहादुर आए दिन कुछ ना कुछ बोलते रहते थे तो हमारा भी मनोरंजन हो जाता था और हम जोश में काम करते थे। लेकिन इस बार का चुनाव तो एकदम फीका है, बिलकुल बिना तड़के की दाल की तरह।”

“चलो मान लिया कि मणिपुर, उत्तराखंड, गोवा छोटे राज्य हैं, लेकिन यूपी के नेताओं को तो अंट-शंट बोलते रहना चाहिए। आजकल वे भी चुप हैं। लगता है सब अपना टैलेंट भूल चुके हैं।” चुनाव आयोग के अधिकारी ने आगे बताया।

इस बारे में बात करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि-“ये बात सरासर झूठ है कि हम अपना टैलेंट भूल चुके हैं। बल्कि मैं तो जहाँ स्कोप नहीं रहता वहां भी रास्ता निकाल लेता हूँ। आपने देखा होगा नोटबंदी के दौरान मैंने ATM मशीन को भी आड़े हाथों ले लिया था। ये होता है टैलेंट। टेंशन मत लो! यूपी चुनाव में अभी बहुत दिन है, बीच में मौका देखकर मैं …..।” कहते हुए ओवैसी, चुनाव आयोग का नोटिस हाथ में लेकर हंसने लगे।

उधर, न्यूज़ चैनल वाले भी अपने रिपोर्टरों को विवादित बयान ढूंढकर लाने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस मामले में जिन नेताओं के रिकॉर्ड खराब हैं, उनके पीछे चैनलों ने अपने सारे रिपोर्टर लगा रखे हैं। हालाँकि अब तक उन्हें कोई ख़ास सफलता नहीं मिल पाई है।



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