Tuesday, 24th October, 2017

चलते चलते

कांग्रेस के कई नेता राहुल गाँधी से मिलने पहुंचे, कहा- "पहले अमेठी को बचाओ!"

10, Oct 2017 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली/अमेठी. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी का संसदीय क्षेत्र अमेठी, इन दिनों नेताओं के दौरों से थर्रा रहा है। एक नेता वहां से निकलता है, तो दूसरा नेता एंट्री मार देता है। खुद राहुल गाँधी अभी-अभी आधे मन से वहां का दौरा करके लौटे हैं। इसके तुरंत बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, अपनी फ़ौज लेकर आज वहां का दौरा कर रहे हैं। स्मृति इरानी और योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ में हैं।

Rahul Gandhi- leaders
राहुल जी को समझाते कांग्रेस के नेता

शाह के इस दौरे से कांग्रेस पार्टी के कई नेता बौखलाए हुए हैं, साथ ही डरे हुए भी हैं। इसी बात से घबराए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता आज तड़के राहुल से मिलने पहुँच गए। पहुँचते ही कपिल सिब्बल ने उनसे कहा- “राहुल जी, ये आप क्या कर रहे हैं? आज से आपका यूरोप/अमेरिका जाना बंद! वरना अमेठी भी हाथ से निकल जाएगा! मोटा भाई की नज़र पड़ गई है उस पे!”

“तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई? मेरे विदेश दौरों के बारे में बोलने की!” -राहुल ने घूरते हुए कहा। सिब्बल को पसीना आ गया, वो चुपचाप पीछे जाकर बैठ गए। मौके को हल्का-फुल्का बनाने के लिए रणदीप सुरजेवाला ने बीच-बचाव किया- “शून्य महोदय आप चुप बैठिए! मैं बात करता हूँ! राहुल जी, उनका ये मतलब नहीं था! वो तो बस ये कह रहे हैं कि आप हो सके तो अमेठी पर ध्यान दीजिए! …हो सके तो, ..मतलब कोई दबाव नहीं है! वो क्या है ना! वो शाह बहुत शातिर आदमी है, पैर के नीचे से चटाई निकाल लेता है! आप तो जानते हैं!”

इस बार राहुल हल्के से मुस्कुरा दिये और सिब्बल की ओर देखते हुए बोले- “सीखो इनसे कुछ, कैसे बात किया जाता है अपने उपाध्यक्ष से! हाँ, तो तुम लोग चाहते हो कि मैं अमेठी पर ध्यान दूँ। तो ठीक है आज से मैं अमेठी पर ज्यादा ध्यान दूंगा!”-यह सुनते ही सारे नेता ख़ुशी में झूमते हुए बाहर आ गए।

उधर, अमेठी पुलिस ने अधेड़ उम्र के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, इन तीनों पर आरोप है कि ये अमित शाह की रैली में जाने के बजाय घर में चारपाई डालकर सो रहे थे। लेकिन उनके घरवालों ने इन आरोपों का खंडन किया है। गिरफ्तार किये गए लोगों में से एक, बनवारी लाल मिश्रा की मिश्रानी ने बताया कि “किस-किस की रैली में जाएंगे झुमकी के पापा! एकठो ही तो शरीर है, मशीन थोड़ी ना हैं! राहुल बाबा का कवर करके आए थे, हरारत लगी तो चारपाई डालकर आँगन में सो गए! ऐसे में दरोगा जी आए और उठाकर ले गए!” -कहती हुई मिश्रानी, जमानत लेने के लिए संदूक से ऋण-पुस्तिका निकालने लगी।



ऐसी अन्य ख़बरें