Monday, 24th July, 2017
चलते चलते

राहुल जी की बात पर ना हंसूंगा, ना 'ठोको ताली' कहूंगा- ज्वॉइनिंग से पहले सिद्धू ने किया प्रॉमिस

16, Jan 2017 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. पूर्व बीजेपी सांसद और आम आदमी पार्टी में जाने से बाल-बाल बचे नवजोत सिंह सिद्धू आख़िरकार कल कांग्रेस में शामिल हो ही गये। लेकिन उनके लिये कांग्रेस में शामिल होना जितना मुश्किल रहा, पार्टी में टिके रहना उससे भी ज़्यादा मुश्किल साबित होने वाला है। सारी दुनिया सिद्धू को ‘हंसी के सरदार’ के रूप में जानती है। सामने वाले की हर बात पर हंसना और ठहाके मारना उनकी आदत है, जिसे वो चाहकर भी नहीं छोड़ सकते।

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राहुल जी के सामने हंसी रोकने की कोशिश करते सिद्धू

ऐसे में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सामने अपनी हंसी रोक पाना उनके लिये ‘मिशन इंपॉसिबल’ साबित होने वाला है। ये सिद्धू के लिये एक नये किस्म का ‘लाफ़्टर चैलेंज’ है। पहले वाले लाफ़्टर चैलेंज में उन्हें बेकार जोक पर भी हंसना होता था, जबकि इस बार उन्हें अच्छा जोक सुनने के बाद भी अपनी हंसी पर कंट्रोल रखना है।

कांग्रेस ज्वॉइन करते समय सिद्धू से एक एफ़िडेविट पर साइन कराये गये और एक दिशा-निर्देश पुस्तिका दी गयी। इस पुस्तिका में बताया गया है कि उन्हें ‘क्या करना है’ और ‘क्या नहीं करना है’। पुस्तिका के पहले ही पेज़ पर सबसे ऊपर लिखा है कि ‘आपको राहुल जी की किसी भी बात पर हंसना नहीं है और ‘ठोको ताली’ तो बिल्कुल भी नहीं कहना है। हालांकि ‘छा गये गुरु’ बोलने पर कोई पाबंदी नहीं है। बल्कि उसे तो जितना ज़्यादा बोलेंगे उतना आपके लिये भी अच्छा रहेगा, राहुल जी के लिये भी और हमारी पार्टी के लिये भी।

उधर, बीजेपी इस मुद्दे पर जमकर चुटकियां ले रही हैं। बीजेपी के एक प्रवक्ता ने नाम ना छापने की शर्त पर हंसते हुए कहा कि “राहुल और सिद्धू! अब आयेगा मज़ा!

फिर किसी तरह अपनी हंसी पर क़ाबू पाते हुए बोले- “हम ख़ुद इसी वजह से सिद्धू को कभी मोदी जी के सामने नहीं आने देते थे। हमें पता था कि इधर मोदी जी के मुंह से ‘मित्रों’ निकलेगा और उधर वो ताली पीट-पीटकर हंसने लगेंगे।” सुनने में आया है कि आम आदमी पार्टी ने भी सिद्धू के सामने यही शर्त रखी थी कि केजरीवाल की किसी भी बात पर हंसना नहीं है, जिसे सिद्धू ने मानने से मना कर दिया था।



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