Wednesday, 22nd November, 2017

चलते चलते

ढाई साल बाद भी बीजेपी ज्वॉइन ना करने की वजह से पड़ा जयंती नटराजन के घर छापा

10, Sep 2017 By GADHEKI DUM

नई दिल्लीः पूर्व कांग्रेसी नेता एवं मनमोहन सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री रहीं जयंती नटराजन के घर भी सीबीआई का छापा पड़ गया है। कहने के लिए तो यह छापा उनके कार्यकाल के दौरान हुए कथित घोटाले के चलते पड़ा है, मगर इसके पीछे का असल राज़ हमारे खोजी पत्रकार ने खोज निकाला है।

Jayanthi Natarajan
ढाई साल में अढाई कोस भी नहीं चलीं नटराजन

दरअसल, श्रीमती नटराजन को कांग्रेस से इस्तीफा दिये हुए ढाई साल बीत चुके हैं। इस्तीफ़े के बाद सभी को उम्मीद थी कि दूसरे नेताओं की तरह अब वो भी जल्द ही बीजेपी ज्वॉइन कर लेंगी, क्योंकि सारे नेताओं को पता है कि बीजेपी रूपी गंगा में डुबकी लगाने से पिछले सारे पाप धुल जाते हैं। वैसे भी, बीजेपी को तमिलनाडु में पैर ज़माने के लिए नेताओं की जरुरत थी। मगर ढाई साल बाद भी जब जयंती जी ने बीजेपी ज्वाइन नहीं की तो मजबूरन सरकार को उनके घर छापा डलवाना पड़ गया।

बीजेपी के गुप्त सूत्रों ने बताया कि यदि ऐसे धोख़ेबाज़ नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो दल-बदलू नेताओं में गलत सन्देश जायेगा और हमारा कांग्रेस-मुक्त भारत का सपना धरा-का-धरा रह जायेगा। उधर, जब जयंती जी से संपर्क किया तो उन्होंने रुंधे हुए गले से इसका सारा दोष रजनीकांत पर मढ़ दिया। “दरअसल कांग्रेस छोड़ते वक्त डील ऐसे हुई थी कि जब रजनी सर बीजेपी ज्वॉइन करेंगे, तब उनके पीछे-पीछे मुझे भी बीजेपी ज्वाइन करनी है। वैसे भी मैं नाममात्र की नेता हूँ। मुझे पता है कि मैं तो तमिलनाडु में पंचायत चुनाव में भी अपनी ज़मानत नहीं बचा पाऊँगी। ऐसे में रजनी सर के बिना बीजेपी ज्वॉइन करने का कोई मतलब नहीं था, इसलिए मैं रुक गई।” ऐसा कहते-कहते वो अपने पल्लू से आँख और नाक पोंछने लगीं।

उधर, बीजेपी ने उनके इस दावे को सिरे से ख़ारिज कर दिया है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि “रजनी सर को बीजेपी ज्वॉइन करवाने की ज़िम्मेदारी जयंती जी को ही दी गई थी और बदले में उनको राज्यसभा की सीट एवं कैबिनेट मंत्री का पद भी ऑफ़र किया गया था। अब वो समय पे टारगेट पूरा नहीं कर पाईं और ये छापा पड़ गया तो हमारी क्या ग़लती! अब भुगतो छापे की सज़ा!”



ऐसी अन्य ख़बरें