Tuesday, 24th October, 2017

चलते चलते

'शाँत कैसे रहें?'- यह सीखने के लिए साक्षी महाराज को मनमोहन सिंह के पास भेजेगी बीजेपी

30, Sep 2017 By Guest Patrakar

नयी दिल्ली. अपने तीन साल के कार्यकाल में मोदी जी इतना ख़ुद नहीं फँसे जितना उन्हें उनके नेताओ ने फँसाया है। कभी अपने बेतुके कामों से तो कभी अपने विवादित बयानों से, बीजेपी का कोई ना कोई नेता मोदी जी के सर पर तलवार लटका ही देता है। और बात जब विवादित बयानों की हो तो साक्षी महाराज का नाम सबसे पहले ज़ेहन में आता है। इसलिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने साक्षी को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की शरण में जाने की सलाह दी है।

Sakshi Maharaj
मुँह खोलते ही कोई विवादित बयान देते साक्षी महाराज

उन्नाव से बीजेपी के सांसद साक्षी कई बार मोदी सरकार को अपने बयानों से मुश्किल में डाल चुके हैं। चाहे वो बढ़ती आबादी के लिए समुदाय विशेष को ज़िम्मेदार ठहराना हो या सरेआम वयस्क लड़की की पैंट खुलवाना! समय-समय पर ये महाराज जी बीजेपी के लिए वही काम करते रहते हैं, जो राहुल गांधी काँग्रेस के लिए करते हैं- पार्टी को डुबोना!

इसलिए बीती रात हुई बीजेपी की बैठक में अमित शाह ने साक्षी को ‘चुप रहना’ सीखने को कहा। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने साक्षी को मनमोहन सिंह से इस कला का प्रशिक्षण लेने को बोला है। फ़ेकिंग न्यूज़ से बातचीत के दौरान शाह जी ने बताया, “हाँ, मैंने उन्हें मनमोहन जी से चुप्पी साधने की कला सीखने को बोला है, जो बंदा इतने बड़े पद पर अपनी नाक के नीचे किए जा रहे भ्रष्टाचार पर चुप रह सकता है, वो साक्षी महाराज को चुप रहना क्यों नहीं सिखा सकता!”

अमित शाह के बयान पर कई काँग्रेसी नेताओ ने जमकर रस लिया। पूर्व काँग्रेस मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहा, “बीजेपी मुश्किल पैदा कर के उसे हमेशा काँग्रेस के पास भेज देती है। हम क्यूँ उनकी मुसीबत अपने सर पे लें, जब हमारे पास पहले से ही राहुल जी हैं!”

हालाँकि अमित शाह के इस फ़ैसले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कुछ ख़ास प्रसन्न नहीं हुए। एक प्राइवट पार्टी के दौरान उन्होंने अमित शाह पर टिप्पणी करते हुए कहा, “अमितभाई को सोचना चहिये कि अगर मनमोहन जी सच में किसी को चुप रहना सिखा सकते तो कांग्रेस यह तरकीब सबसे पहले राहुल गांधी पर ना आज़मा लेती!”

इन सब के बीच साक्षी महाराज ने चुप्पी साध ली है। अब चाहे मनमोहन जी चुप रहने का गुरूमंत्र दें या ना दें, मगर यह देखना मज़ेदार होगा कि जब अपनी-अपनी पार्टी को बर्बाद करने वाले दो लोग राहुल और साक्षी मिलेंगे तो क्या ग़ज़ब होगा?



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